कौशाम्बी
प्रशासन भवन को लेकर पहले से दे चुका था नोटिस
कौशांबी
सरायअकिल अंतर्गत हजारी का पूरा गांव स्थित जिला पंचायत सदस्य आयमा सरोज का घर शुक्रवार को प्रशासन के बुलडोजर से गिराया गया। कहा जा रहा है कि उक्त भवन ग्राम सभा की भूमि में निर्मित था और इसके लिए प्रशासन ने पहले से नोटिस भी थमा रखी थी, और शुक्रवार को बुलडोजर लगाकर भवन को गिराया गया जबकि शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी का अविश्वास प्रस्ताव होना था। ऐसे में जिला पंचायत सदस्य के घर हुई कार्यवाही को लेकर जहां राजनीतिक गलियारे में तमाम तरह की चर्चाओं का माहौल है वही क्षेत्रीय बुद्धिजीवियों में भी इस तरह की चर्चाएं आम है।
बताना जरूरी होगा कि जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल तकरीबन 2 वर्ष का होने के बाद एकजुट हुए जिला पंचायत सदस्यों ने पिछले दिनों जिला अधिकारी सुजीत कुमार के समक्ष परेड करते हुए अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने का हलफनामा सौंपा था। इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा सभी जिला पंचायतों के हस्ताक्षर मिलान की तारीख तय की गई थी। जिसमें हलफनामा सौंपने वाले जिला पंचायत सदस्यों ने जिलाधिकारी के समक्ष हस्ताक्षर मिलान भी कराया। यह सब होने के बाद डीएम सुजीत कुमार द्वारा अविश्वास को लेकर 19 अगस्त की तारीख मुकर्रर की गई थी । खैर यह तो रही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के होने वाले अविश्वास प्रस्ताव की बात, लेकिन एक दिन बाद मतलब शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी का विश्वास की कार्यवाही होनी थी और शुक्रवार मतलब एक दिन पहले एक जिला पंचायत सदस्य के घर बुलडोजर चल गया। खैर जिला पंचायत अध्यक्ष कुर्सी के विश्वास को लेकर तो यह कार्यवाही नहीं की गई यह तो यह स्पष्ट कर पाना मुश्किल है लेकिन इतना जरूर है कि कहीं ना कहीं 19 अगस्त को अविश्वास की कार्यवाही होनी थी और एक दिन पहले जिला पंचायत सदस्य के घर बुलडोजर चला, इसे लेकर जिले के बुद्धिजीवों के बीच तमाम तरह की चर्चाएं आम हो रही हैं। हालांकि प्रशासन के जिम्मेदारों की बातों पर यकीन करें तो कहा जा रहा है कि जिला पंचायत सदस्य आयमा सरोज का भवन ग्राम सभा की भूमि में बना था और इसके लिए प्रशासन ने कई बार उन्हें नोटिस भी दिया था ,बावजूद उनके द्वारा ग्राम सभा की भूमि खाली न करने पर यह कार्रवाई की गई है। बहरहाल कुछ भी हो कार्यवाही के बाद से जिले की बुद्धिजीवियों के मुंह तमाम तरह की चर्चाएं सुनने को मिल रही है।






