कौशांबी
करारी थाना क्षेत्र के बरई बधवा गांव में एक सप्ताह पहले हुई गोलीबारी में पुलिस ने फर्जी तरीके से विकलांग के भाई को जेल भेज दिया। विकलांग युवती ने पुलिस कमिश्नर प्रयागराज को शिकायती पत्र देकर घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग किया है।विकलांग यूवती ने पत्र में भाई के न छूटने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी ।
बरई बंधवा गांव में 9 अगस्त को दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया था। जिसमें दोनों पक्षों से एक दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया। पुलिस की गिरफ्त में आए कामिल की विकलांग बहन सुप्रिया आकिब ने पुलिस कमिश्नर प्रयागराज को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि वह कामिल की कमाई से एलएलबी की पढ़ाई डॉक्टर रिजवी कॉलेज से कर रही है। 80 फ़ीसदी विकलांग यूवती के भाई कामिल के अलावा कोई सहारा नहीं है। यूवती का आरोप है कि पूर्व प्रधान तानाशाही के चलते खालिक अहमद व जमसेद द्वारा खूनी संघर्ष को बढ़ावा दिया गया है। चौकी इंचार्ज सीताकांत चौरसिया घटना में सन लिप्त है। जिसके द्वारा विपक्षी लोगों को बढ़ावा देकर घटना कारित कराया गया है। पुलिस कमिश्नर से मांग करते हुए कहा है कि करारी थाने में दर्ज रिपोर्ट की विवेचना चौकी इंचार्ज से बदलकर किसी अन्य से कराई जाए। पुलिस द्वारा ऐसा कदम नहीं उठाया गया तो न्याय के लिए वह आत्मदाह करने के लिए बिशन होगी । प्रशासन की संपूर्ण जिम्मेदारी होगी।






