कौशांबी
सपा विधायक ने समर्थकों संग एसपी दफ्तर घेरा:एमएलए पल्लवी पटेल बोली-निजी अस्पताल सीज़ होने से पहले पीड़ित के गाव मे दबिस हुई तो वह घेरेगी विधानसभा
कौशांबी। सैनी थाना क्षेत्र के कमंगलपुर गांव में निजी अस्पताल मे गर्भवती महिला की मौत का मामला अब तूल पकड़ लिया है। शनिवार को सिराथू की सपा विधायक पल्लवी पटेल मे अपने दर्जनो समर्थको संग एसपी दफ्तर पहुची। अफसरों का घेराव कर सपा विधायक ने पीड़ित परिवार का पुलिस उत्पीड़न बंद करने व आरोपी निजी अस्पताल पर सीज़ करने की मांग की। उन्होने चेतावनी भरे अंदाज मे कहा कि यदि पुलिस पीड़ित परिवार का उत्पीड़न बंद नहीं करती तो वह विधानसभा का घेराव कर लोकल प्रशासन को सदन मे जवाब देने के लिए विवश करेगी।
मामला 11 जुलाई को उस समय सामने आया था जब गर्भवती महिला लक्ष्मी सीएचसी कडा से निकाले जाने के बाद निजी अस्पताल प्रभा हॉस्पिटल प्रसव के लिए पहुची। हास्पिटल मे भर्ती होने के चंद घंटे बाद प्रसूता की मौत हो गई। नाराज़ परिजनो ने आक्रोशित होकर अस्पताल मे तोड़ फोड़ कर हँगामा किया। जिस पर पुलिस ने पीड़ित व आरोपी पक्ष से तहरीर लेकर केस दर्ज किया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने अस्पताल संचालक के रसूक के चलते पीड़ित मृतक महिला के परिजनो सहित ग्रामीणो पर गंभीर धाराओ मे केस दर्ज कर उनका उत्पीड़न शुरू कर दिया। आए दिन गाव मे दबिस देकर गाव की पुरुषो को थाने मे 8-8 दिन से बंद कर रखा जा रहा है। जबकि पुलिस ने बिना रजिस्ट्रेसन के संचालित अस्पताल पर कोई कार्यवाही नहीं की।
पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ शनिवार को पीड़ित पक्ष ने सपा विधायक से मदद की गुहार लगाई। पीड़ित जनता के लिए सपा विधायक पल्लवी पटेल खुद सिराथू से मंझनपुर मुख्यालय एसपी दफ्तर पहुची। एसपी दफ्तर मे घेराव कर पुलिस अधिकारिओ के सामने पीड़ित पक्ष के उत्पीड़न की बात रखी। सपा विधायक पल्लवी पटेल ने बताया, स्थानीय पुलिस अस्पताल संचालक के रसूक से प्रभावित होकर मृत महिला के परिजनो और ग्रामीणो पर उत्पीड़नात्मक कार्यवाही कर रही है। इस बाबत लोकल पुलिस अधिकारियों के संज्ञान मे प्रकरण लाकर अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्यवाही की मांग की गई। उन्होने पुलिस अफसरो के सामने स्पष्ट कहा कि पीड़ित पक्ष का उत्पीड़न यदि बंद नहीं हुआ तो वह मामले को लेकर विधान सभा का घेराव कर स्थानीय प्रशासन से जवाब तलब करेगी।






