PHOTOS: दुनिया का सबसे महंगा आम, इंटरनेशनल मार्केट में 2 लाख रुपये प्रति किलो है कीमत, जानें क्‍या है इसका नाम?



जब फलों कि बात हो तो फलो के राजा आम के बारे में चर्चा होना लाजमी है. आज सूरजपुर जिले के एक ऐसे आम के बारे मे बताएंगे जो किसी आम आदमी के खरीदने के बस में नही है. इस आम को केवल खास लोग ही खरीद सकते है, क्योंकि इस एक आम की कीमत सुन आप भी चौंक जाएंगे. साथ ही आम के मालिक भी बेहद खास है. फलो में आम की बात ही कुछ और होती है और गर्मी का मौसम आते ही लोग आम खरीदने पहुंच जाते है.

दरअसल सूरजपुर के कमलपुर गांव मे एक कोल फिल्ड के रिटायर्ड जनरल मैनेजर राजेन्द्र गुप्ता ने रिटायर होने के बाद किसी बड़े शहर को छोड़ गांव में खेती करने की सोची और थोड़े से खेत में फलदार पौधों की खेती शुरू कर दी. कोल फिल्ड में नौकरी के दौरान कोयला उत्पादन के लिए जंगलों को काटना उनपर एक बोझ बना हुआ था. ऐसे में रिटायर होने के बाद कमलपुर गांव में खेत के थोड़े से हिस्‍से पर दुर्लभ और कई विदेशी आम के पौधे लगा दिए.  राजेन्द्र गुप्ता साल 2017 से मूल रुप से खेती से जुड़ गए और विदेशी और दुर्लभ प्रजाती के कई आम का रोपण किया. इस दौरान उन्होंने जापान के मियाजाकी आम के दो पौधे अपने खेत में लगाए. इस साल मियाजाकी आम के पेड़ में वह फल लगा जो पूरी दुनिया का सबसे महंगा आम है. तस्वीरों में दिखाई देता यही वो मियाजाकी आम है, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय कीमत लगभग 1 लाख 80 हजार रुपए है. वहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक किलो आम की कीमत 2 लाख 70 हजार रुपए है. इस दुर्लभ आम की कीमत ही इसे बेशकिमती और खास बनाती है. जहां विदेशों में इस दुर्लभ आम को किसी बड़े भेंट के रुप मे एक-दूसरे को दिया जाता है. ऐसे में रायपुर में आम महोत्सव के दौरान राजेन्द्र गुप्ता ने भी अपने आम को प्रदर्शनी मे लगाया था, जिसके बाद इस खास आम को देखने लोगों में काफी उत्सुकता बनी हुई थी. देश के महारत्न कंपनी से जनरल मैनेजर के पद से रिटायर होने के बाद राजेन्द्र गुप्ता किसी बड़े शहरो में राजसाही जिंदगी को छोड़ अपनी मिट्टी में किसान बनने का ठाना और आज 14 एकड़ की कृषि भूमी पर हजारों दुर्लभ और विदेशी पौधो के खेती के साथ आर्थिक रुप से उन्नत कृषि के प्रयोग में जुटे है. उनका मानना है कि इससे जिले के दूसरे किसानों को भी आने वाले वक्त मे लाभ मिल सकेगा. वही राजेन्द्र गुप्ता की धर्मपत्नी सुशीला गुप्ता भी उनके कृषि कार्य में पूरा साथ देते और हौसला अफजाई करते नजर आती है. वहीं रायपुर मे आयोजित आम महोत्सव मे सूरजपुर के बेशकिमती आम के सुर्खियों में आने के बाद अब उद्यान विभाग भी राजेन्द्र गुप्ता के आम के पेड़ो का परिक्षण कर दूसरे किसानों के लिए भी आर्थिक मजबूती की राह खोजने की बात करते नजर आए. सूरजपुर के ग्रामिण उद्यान विस्तार अधिकारी मंगरु राम का कहना है कि विदेशी आमों के पौधो का परीक्षण राजेंद्र जी के खेत से किया जाएगा. यदि उन्नत खेती की संभावनाएं नजर आई तो दूसरे किसानों के लिए यह बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है.

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Author: Jagran Times

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