ICC Rules: क्रिकेट में वाइड बॉल का नियम, किस कारण लाया गया और हाल में क्‍या हुए हैं बदलाव

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नई दिल्‍ली. Cricket Rules: वनडे क्रिकेट में क्रिकेटप्रेमियों को रोमांचक मुकाबला देखने को मिले, इसे ध्‍यान में रखते हुए इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC)ने वर्ष 1975 के वर्ल्‍डकप के पहले ‘वाइड’ बॉल (Wide ball rule) का नियम लागू किया था. इस नियम का लागू करने का उद्देश्‍य बॉलर्स को ऐसी गेंदें फेंकने से हतोत्‍साहित करना था जो बैटर की पहुंच से बेहद दूर हों और जिन पर वह शॉट लगा पाने की स्थिति में नहीं हो. यह बैटर के सिर के ऊपर से बाउंसर या डिलीवरी पर भी लागू होता है जो उसकी पहुंच के भीतर नहीं है. आईसीसी ने यह नियम शॉर्ट पिच गेंदों पर लगाम कसने और बैटर की रीच से बेहद दूर फेंकने की बॉलर की प्रवृत्ति पर लगाम कसने के लिए लागू किया था.

यह नियम क्रिकेट की तीनों फॉर्मेटों में समान रूप से लागू हैं और वाइड फेंकने की स्थिति में बैटिंग करने वाली टीम को एक रन अतिरिक्‍त के रूप में मिलता है, साथ ही बॉलर को उस गेंद की एवज में अतिरिक्‍त गेंद फेंकनी होती है.वाइड बॉल पर बैटर के आउट होने (हिट विकेट, ऑब्‍सट्रक्टिंग द फील्‍ड, रन आउट या स्‍टंप आउट) की स्थिति में भी एक अतिरिक्‍त रन और अतिरिक्‍त गेंद मिलेगी.

शॉर्टर फॉर्मेट में अधिक सख्‍ती से लागू होता है नियम

टेस्‍ट की तुलना में यह नियम वनडे और टी20 क्रिकेट में अधिक सख्‍ती से लागू किया जाता है. इसके पीछे कारण यह है कि शॉर्टर फॉर्मेट के क्रिकेट में गेंदों की संख्‍या सीमित होती है और बैटिंग करने वाली टीम की कोशिश हर गेंद पर अधिक से अधिक बनाकर स्‍कोर को तेजी से बढ़ाने की होती है. अम्‍पायर द्वारा किसी गेंद को वाइड करार दिए जाने की स्थिति में बैटर को हिटविकेट, ऑब्‍सट्रक्टिंग द फील्‍ड, रन आउट या स्‍टंप आउट ही दिया जाता है,अन्‍य किसी तरीके से उसे आउट नहीं दिया जा सकता.वाइड गेंद पर बनाए गए सभी रन बैटिंग करने वाली टीम को दिए जाते हैं,न कि किसी व्यक्तिगत खिलाड़ी को. वाइड बॉल को लीगल डिलीवरी के रूप में नहीं गिना जाता है.इसका मतलब यह है कि भले ही इस पर बैटिंग करने वाली टीम द्वारा रन बनाए गए हों, इस गेंद को ओवर की लीगल डिलीवरी के रूप में नहीं गिना जाता. गेंदबाज को हर वाइड गेंद के लिए एक अतिरिक्त गेंद फेंकनी होती है.

पिछले साल वाइड के नियम में किए गए हैं बदलाव

गौरतलब है कि आईसीसी ने पिछले वर्ष शॉर्टर फॉर्मेट के क्रिकेट को ध्‍यान में रखते हुए वाइड के नियम में कुछ बदलाव किए हैं. दरअसल, फटाफट क्रिकेट में बैटर क्रीज में इधर-उधर मूव करके इम्‍प्रूवाइज शॉट खेलते हैं. ऐसे में पहले कई बार अम्‍पायर ऐसी गेंदों को भी वाइड घोषित कर देता था जो गेंदबाज, बैटर को उसकी पोजीशन शिफ्ट करके देकर चतुराई से फेंकता था. इस बात को ध्‍यान में रखते हुए अब लॉ 22.1 में संशोधन किया गया है. इसमें यह व्‍यवस्‍था है कि किसी गेंद को वाइड घोषित करने से पहले फील्‍ड अम्‍पायर, बैटर की शॉट लगाने के दौरान की पोजीशन को भी ध्‍यान में रखेगे. केवल विकेट से बॉल की दूरी को ही मानक मानकर अब किसी गेंद को वाइड घोषित नहीं किया जा सकेगा.

Tags: Cricket, ICC, ICC Rules

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Author: Up Head Line

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