Taste Of Karauli : यहां केवल 4 महीने बनती है यह खास ‘बाल वाली मिश्री’, गर्मी में देती है ठंडक

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मोहित शर्मा/करौली. राजस्थान के करौली में मिठास और नमकीन के लिए प्रसिद्ध शहर के एकमात्र बूरे बतासे बाजार में गर्मियों के दिनों में एक खास प्रकार की मिश्री मुस्लिम कारीगरों द्वारा तैयार की जाती है. केवल इसी बाजार में सिर्फ 4 महीने मिलने वाली इस खास, बाल व धागे वाली मिश्री का स्वाद यहां सदियों पुराना है. गर्मी के मौसम में आने वाली इस मिश्री को तैयार करते हुए इस बाजार के मुस्लिम कारीगरों की अब तक कई पीढ़ियां गुजर चुकी है. यदि बात की जाए इस मिश्री की मांग की तो वह गर्मी के मौसम में इतनी जबरदस्त रहती है कि रोज इस बाजार में दो से ढाई क्विंटल मिश्री की खपत हो जाती है.

8 दिन में बनकर होती है तैयार
इस खास बाल और धागे वाली मिश्री को तैयार करने वाले मिश्री व्यापारी मोहम्मद कमर का कहनाहैकि करौली की यह मिश्री मशहूर होने के साथ-साथ यहां सदियों से बनती आ रही है. 8 दिन की मेहनत के बाद हाथों से तैयार होने वाली यह मिश्री चासनी से तैयार की जाती है. वह बताते हैकि गर्मी के मौसम में यह मिश्री ठंडक के लिए बहुत ही बढ़िया रहती है. जो करीब मार्च से लेकर और जून-जुलाई तक सिर्फ 4 महीने ही बाजार में चलती है.

केवल इसी बाजार में मिलती है यह खास मिश्री
मिश्री व्यापारी मोहम्मद कमर काकहना है कि हमारी जैसी धागे वाली मिश्री कहीं और नहीं मिल पाती है. बाजारों में जो मिश्री मिलती है वह रेडीमेड होती है. लेकिन इस मिश्री को हम कई पीढ़ियों से हाथों से तैयार करते आ रहे हैं. इसी वजह से दूर-दराज तक इसकी मांग रहती है. उनका कहना है कि जितनी ज्यादा गर्मी होती है उतनी ही इस मिश्री की मांग बढ़ती चली जाती है.

गर्मी के मौसम में देती है सबसे ज्यादा ठंडक
करौली के बूरे बतासे बाजार में सिर्फ 4 महीने बिकने वाली इस मिश्री की डिमांड करौली सहित दिल्ली से मुंबई और गुजरात के कई शहरों तक रहती है. इस मिश्री को हाथों से तैयार करने वाले सद्दाम खान बताते हैकि देसी मिश्री को बनाने का काम हमारा खानदानी काम है. जिसे बनाते बनाते अब तक हमारी कई पीढ़ियां गुजर चुकी है. वह बताते हैकि यह बाल वाली मिश्री ठंडक के लिए ठंडक की अन्य चीजों के बजाय सबसे ज्यादा बेहतरीन रहती है.

₹100 किलो मिलती है यह देशी बाल वाली मिश्री
वहीं, देशी मिश्री व्यापारी मोहम्मद कासिम का कहना है कि करौली में बनने वाली देशी बाल वाली मिश्री ठंड के साथ-साथ पेशाब में जलन और नकसीर के लिए बहुत ही फायदेमंद रहती है. बड़ी मेहनत के साथ तैयार होने वाली यह मिश्री बूरा बताशा बाजार में ₹100 किलो बिकती है. उन्होंने बताया कि ताकत और ठंडक के लिए बेहतरीन रहने वाली यह मिश्री केवल करौली के बूरे बतासे बाजार में ही तैयार होने के साथ-साथ केवल इसी बाजार में गर्मी के मौसम में मिल पाती है. मिश्री व्यापारियों के अनुसार गर्मी के मौसम में प्रतिदिन देसी मिश्री की 2 से ढाई क्विंटल की खपत होती है.

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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