
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की इस्लामाबाद स्थित कोठी से मात्र कुछ ही किलोमीटर दूरी पर स्थित लाल मस्जिद से एक बार फिर पाकिस्तानी फौज खुफिया एजेंसी और प्रशासन को खुली चेतावनी मिली है. लाल मस्जिद और उससे जुड़े जामिया हाफिजा मदरसे का आरोप है कि मस्जिद के मौलाना अब्दुल अजीज पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तान के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट के लोगों ने मस्जिद के बाहर गोलियां चलाईं. जवाब में मौलाना ने भी गोलियां चलाईं. इसके बाद मौलाना किसी तरह से भागकर अपने मदरसे पहुंचा. जिसके बाद एक बार फिर लाल मस्जिद खुलकर पाकिस्तानी सरकार के विरोध में सामने आ गई है.
लाल मस्जिद और उससे जुड़े मदरसे जामिया हाफिजा को चलाने वाली उम्म हसन ने बाकायदा एक वीडियो जारी कर इस घटना के बारे में पूरी जानकारी साझा की है. साथ ही वीडियो में पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ((टीटीपी) से खुलेआम कहा गया है कि क्या आप अपने पिता पर हमला बर्दाश्त करोगे यदि वे एक को मारें तो आप लोग 1000 को मारो. वीडियो में पाकिस्तानी प्रशासन को खुलेआम चेतावनी देते हुए कहा गया है कि यदि 2007 के बाद आप एक बार फिर लाल मस्जिद की ताकत देखना चाहते हो तो आपको बहुत जल्द दिखा दी जाएगी. आतंकवादी संगठन टीटीपी से कहा गया कि आईएसआई वाले या फिर काउंटरटेररिज्म डिपार्टमेंट वाले वर्दी में दिखें या बिना वर्दी के आप लोग उन्हें जान से मार दो.
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टीटीपी ने बयान जारी किया
लाल मस्जिद के कर्ताधर्ता द्वारा जारी वीडियो के फौरन बाद आतंकवादी संगठन टीटीपी ने बाकायदा बयान जारी कर दिया. टीटीपी के नेतृत्व परिषद के सदस्य, उमर खोरासानी ने एक बयान में पाकिस्तानी धार्मिक विद्वान मौलाना अब्दुल अजीज गाजी पर CTD के हमले की निंदा की, और पाकिस्तानी प्रतिष्ठान को परिणाम भुगतने और प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी.
खून खराबे के लिए सरकार होगी जिम्मेदार
मौलाना अब्दुल अजीज गाजी ने कहा, ‘हम मौलाना और उनके परिवार को आश्वस्त करते हैं कि हम उन्हें अकेला नहीं छोड़ेंगे.’ पाकिस्तानी सरकार और काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट को उमर मुकर्रम खोरासानी ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘एक बार आपने लाल मस्जिद और मौलाना अब्दुल अजीज गाजी के परिवार पर हमले की प्रतिक्रिया देखी है और अब एक बार फिर आप देश को आग लगाना चाहते हैं. इस तरह के उत्तेजक कार्यों से इसे खून में धकेलना चाहते हैं. इसके लिए पूरी तरह से पाकिस्तान सरकार जिम्मेदार होगी.’
2007 में लाल मस्जिद पर सेना ने की थी कार्रवाई
इस्लामाबाद की लाल मस्जिद पाकिस्तान की पुरानी मस्जिदों में से एक है. साल 2007 में भी तत्कालीन राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ ने लाल मस्जिद पर सेना की कार्रवाई कराई थी. इसके बदले पाकिस्तानी प्रशासन को बड़े पैमाने पर जानमाल की हानि हुई थी. इसके तत्कालीन मौलाना अजीज को पाकिस्तान प्रशासन ने कथित तौर पर गिरफ्तार कर लिया था लेकिन वह एक बार फिर लाल मस्जिद पर काबिज हो गया था. लाल मस्जिद लगातार विवादों को लेकर चर्चा में रहती है. इस पर यह आरोप भी लगते रहे हैं कि लाल मस्जिद पूरी तरह से आतंकवादियों का समर्थन करती है.
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FIRST PUBLISHED : June 22, 2023, 13:39 IST






