आम जनता को राष्ट्रपति भवन के और करीब लाने की पहल, लाइब्रेरी-स्पोर्ट्स फैसिलिटी तक बढ़ेगी पहुंच


हाइलाइट्स

राष्ट्रपति भवन के संसाधन अधिकारियों और राष्ट्रपति संपदा के निवासियों तक ही सीमित नहीं रहेंगे
कुछ तरीकों से लोगों को राष्ट्रपति भवन के और करीब लाया जा सकेगा
राष्ट्रपति कार्यालय के पास स्थित मेन लाइब्रेरी सामग्री को केवल ऑनलाइन एक्सेस किया जा सकता

नई द‍िल्ली. देश की राष्‍ट्रपत‍ि द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को अपना 65वां जन्मदिन मनाया. राष्‍ट्रपत‍ि की इच्‍छा है क‍ि लोगों को राष्‍ट्रपत‍ि भवन (Rashtrapati Bhavan) के करीब लाया जाए, जिससे उन्हें इस ऐतिहासिक इमारत से भलीभांत‍ि पर‍िच‍ित होने का अवसर मिल सके. राष्‍ट्रपत‍ि मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन पुस्तकालय को  डिजिटाइज कराने की योजना बनाई है. आने वाले वक्‍त में इसको शोधकर्ताओं, यहां तक की आम लोगों के ल‍िए भी ओपन करने की योजना है. इतना ही नहीं राष्‍ट्रपत‍ि भवन तक आम लोगों की पहुंच को और आसान करने के ल‍िए भी कई योजनाओं पर काम क‍िया जाएगा.

खासकर राष्ट्रीय राजधानी में स्‍थ‍ित राज्य भवनों तक सीमित राज्‍य द‍िवस उत्‍सव (Statehood Days) को भी यहां मनाया जाएगा. इतना ही नहीं बच्‍चों और पेशेवरों के ल‍िए राष्ट्रपति संपदा की खेल सुविधाओं को भी खोलने की संभावना है. माना जा रहा है क‍ि इन सब कुछ तरीकों से लोगों को राष्ट्रपति भवन के और करीब लाया जा सकेगा.

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ह‍िन्‍दुस्‍तान टाइम्‍स में प्रकाश‍ित र‍िपोर्ट के मुताब‍िक इस बीच देखा जाए तो ऐसा कुछ करने वाली राष्‍ट्रपत‍ि मूर्मू पहली नहीं है. इससे पहले पूर्व राष्‍ट्रपत‍ि एपीजे अब्दुल कलाम और प्रणब मुखर्जी दोनों ने भी अपने-अपने स्‍तर पर ऐसा कुछ अलग क‍िया है. लेक‍िन अधिकारियों का कहना है क‍ि देश का सर्वोच्च पद ग्रहण करने वाली भारत की पहली आदिवासी महिला मुर्मू इस मामले में पूरी तरह से स्पष्ट हैं कि राष्ट्रपति भवन (RB) के संसाधन अधिकारियों और राष्ट्रपति संपदा के निवासियों तक ही सीमित नहीं रहेंगे.

अधिकारियों का कहना है क‍ि अब तक राज्य दिवस केवल संबंधित राज्य भवनों में मनाया जाता है. लेक‍िन अब इसको राष्‍ट्रपत‍ि भवन में मनाये जाने की योजना है. राष्‍ट्रपत‍ि भवन में राज्य दिवस मनाने की योजना का उद्देश्य ‘राज्यों’ को राष्ट्रपति संपदा के करीब लाना है.

आध‍िकार‍िक सूत्रों के मुताब‍िक राष्‍ट्रपत‍ि भवन स्‍थ‍ित‍ लाइब्रेरी (Pranab Mukherjee Library) में 33,000 से ज्‍यादा पुस्तकें हैं ज‍िनमें करीब 2,000 दुर्लभ पुस्तकें भी शाम‍िल हैं. अब इन सबको जनता के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा. इसमें सबसे पुरानी पुस्तक ‘ए कैटलॉग ऑफ द ओरिजिनल वर्क्स ऑफ विलियम हॉगर्थ, 1795’ में प्रकाशित पुस्‍तक भी शाम‍िल है. जबक‍ि राष्ट्रपति कार्यालय के पास स्थित मुख्य पुस्तकालय की सामग्री को केवल ऑनलाइन ही एक्सेस किया जा सकता.

प्रणब मुखर्जी लाइब्रेरी को जनता के लिए खोलने की तैयारी
भारत के 13वें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के नाम पर लाइब्रेरी को जनता के लिए खोलने की तैयारी की जा रही है जि‍समें कोई भी आ जा सकता है. इस लाइब्रेरी के संसाधनों को ऑनलाइन और ऑफलाइन एक्सेस क‍िया जा सकेगा. इसकी शोधकर्ताओं, छात्रों और अन्य लोगों के लिए व्यवस्था की जा रही है. यह सेकेंडरी लाइब्रेरी भी राष्ट्रपति संपदा में स्थित है.

कमजोर जनजातीय समूहों के करीब 1,500 लोगों से कर चुकी हैं मुलाकात
प्रकाश‍ित र‍िपोर्ट के मुताब‍िक राष्‍ट्रपत‍ि भवन स्‍थ‍ित लाइब्रेरी को अगले चार महीनों के भीतर आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा. बताते चलें क‍ि राष्‍ट्रपत‍ि मुर्मू ने गत 25 जुलाई को भारत के सर्वोच्‍च नागर‍िक का पदभार ग्रहण क‍िया था. इसके बाद से उन्होंने अपने कार्यालय को एक व्यक्तिगत स्पर्श प्रदान किया है. उन्होंने हाल ही में राष्‍ट्रपत‍ि भवन में खासकर कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के करीब 1,500 लोगों से मुलाकात की और उनसे कहा क‍ि मेरा दिल आपके लिए धड़कता है और जब आप प्रगति करेंगे, तो मुझे लगेगा कि RB में मेरा रहना उपयोगी रहा है.

शहीद सैनिकों को सम्मानित करने के समारोहों में राष्‍ट्रपत‍ि मुर्मू उनकी पत्नियों या माताओं को गले लगाती हैं. बांग्लादेश की प्रधान मंत्री शेख हसीना के साथ उनकी मुलाकात के दौरान वो ल‍िखी हुई स्‍क्र‍िप्‍ट से आगे न‍िकलकर दिल से दिल की बात करती हैं. यह एक दुर्लभ इशारा ही है.

राष्‍ट्रपत‍ि भवन के सभी स्‍टॉफ के ल‍िए बनाई एक कैटेगरी
अधिकारियों ने इस बात को भी रेखांकित किया कि राष्‍ट्रपत‍ि मूर्मू ने प‍िछले साल 2022 की द‍िवाली पर राष्‍ट्रपत‍ि भवन के सभी अध‍िकार‍ियों और कर्मचार‍ियों को एक समान नजर‍िये से देखा. उन्‍होंने केवल राष्‍ट्रपत‍ि भवन के अधिकारियों को ही ग‍िफ्ट देने की सदियों पुरानी परंपरा को बंद कर द‍िया. एक अधिकारी ने कहा क‍ि राष्‍ट्रपति की ओर से आदेश दिया गया क‍ि एक ही उपहार – 1 किलो मिठाई का पैकेट – राष्‍ट्रपत‍ि भवन के माली से लेकर ड्राइवर और अध‍िकार‍ियों तक सभी को दिया जाना चाहिए.

द‍िव्‍यांग बच्‍चों से करेंगी मुलाकात, ‘र‍िटर्न ग‍िफ्ट’ भी तैयार
आध‍िकार‍िक सूत्र बताते हैं क‍ि आज मंगलवार को राष्‍ट्रपत‍ि मुर्मू महिला स्वयं सहायता समूहों से मुलाकात करेंगी और सुबह के वक्‍त अमर ज्योति चैरिटेबल ट्रस्ट के दिव्यांग बच्चों से बातचीत करने और हौज खास में जगन्नाथ मंदिर के दर्शन करने के ल‍िए जा सकती हैं. उनके कार्यालय की ओर से पहले ही बच्चों के लिए ‘रिटर्न गिफ्ट’ तैयार क‍ि‍ये जा चुके हैं.

राष्‍ट्रपत‍ि मुर्मू को खेलों से बेहद लगाव
अधिकारियों ने यह भी कहा कि राष्‍ट्रपत‍ि भवन की खेल सुविधाएं खोलने पर फैसला कुछ दिनों में किया जाएगा. ओडिशा राज्‍य अपनी खेल संस्कृति के लिए मशहूर है और इस राज्य की रहने वाले राष्ट्रपति खेल प्रेमी हैं. बताया गया है क‍ि जब 11 जून को नोवाक जोकोविच ने अपना 23वां ग्रैंड स्लैम जीता था तो सर्बियाई राष्ट्रपति के ऐसा करने से पहले ही राष्ट्रपति मुर्मू ने एक बधाई संदेश ट्वीट कर द‍िया था.

Tags: President Draupadi Murmu, President of India, Rashtrapati bhawan

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Author: Jagran Times

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