
हाइलाइट्स
दक्षिण चीन सागर में चीन अपनी ताकत बढ़ाने में लगा हुआ है.
भारत ने ऐलान किया है कि वह वियतनाम को INS कृपाण उपहार के रूप में देगा.
सोमवार को राजनाथ सिंह और वियतनाम के रक्षा मंत्री की बैठक हुई.
नई दिल्ली: चीन (China) की आक्रामक रवैये पर लगाम लगाने के लिए भारत ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है. चीन की हर हरकत पर भारत नजर बनाए हुए है. भारत अब वियतनाम (Vietnam) को स्वदेश निर्मित मिसाइल युद्धपोत आईएनएस कृपाण उपहार स्वरूप देगा. इसकी घोषणा सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और वियतनाम के रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग (Phan Van Gang) से बातचीत के बाद की गई.
न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार राजनाथ सिंह और फान वान जियांग के बैठक के दौरान, विभिन्न द्विपक्षीय रक्षा सहयोग पहलों की प्रगति की समीक्षा की गई, जिसमें दोनों पक्षों ने चल रही साझेदारी पर संतोष व्यक्त किया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वदेश निर्मित इन-सर्विस मिसाइल कार्वेट आईएनएस कृपाण उपहार में देने की घोषणा की. जो वियतनाम पीपुल्स नेवी की क्षमताओं को बढ़ाने में एक मील का पत्थर साबित होगा.
बैठक के बाद रक्षा मंत्रालय द्वारा एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि ‘दोनों मंत्रियों ने विशेष रूप से रक्षा उद्योग, समुद्री सुरक्षा और बहुराष्ट्रीय सहयोग के मौजूदा क्षेत्रों को बढ़ाने के साधनों की पहचान की.’ भारत और वियतनाम द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर केंद्रित रहे हैं तथा दक्षिण चीन सागर में हालात की समीक्षा कर रहे हैं. बता दें कि दक्षिण चीन सागर में चीन अपनी ताकत बढ़ाने में लगा हुआ है. चीन अपने पड़ोसियों के खिलाफ बीजिंग के विस्तारवादी क्षेत्रीय दावों के कारण पहले से ही विवादास्पद दक्षिण चीन सागर में तनाव को बढ़ाते हुए वियतनाम के विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में नियमित रूप से युद्धपोत और सर्वेक्षण जहाज भेज रहा है.
इसके अलावा वियतनाम के रक्षा मंत्री ने अपने भारत दौरे के तहत डीआरडीओ मुख्यालय का भी दौरा किया और रक्षा अनुसंधान और संयुक्त उत्पादन में सहयोग द्वारा रक्षा औद्योगिक क्षमताओं को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की. इससे पहले दिन में जनरल फान वान जियांग ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और वीरों को श्रद्धांजलि दी. मालूम हो कि वह अपने दो दिवसीय यात्रा पर रविवार को भारत पहुंचे.
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FIRST PUBLISHED : June 20, 2023, 07:38 IST






