
हाइलाइट्स
दो महीने में भोपाल से दिल्ली के बीच 69,417 यात्रियों ने किया सफर.
शताब्दी एक्सप्रेस से करीब 1 घंटा पहले पहुंचाती है वंदे भारत.
मध्यप्रदेश को जल्द मिल सकती है दो और वंदे भारत.
नई दिल्ली. देश में वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) जब से पटरियों पर आई है, उसी दिन से यह खूब वाहवाही लूट रही है. शानदार सुविधाओं और तेज स्पीड से लैस यह ट्रेन भारतीय रेलवे का चेहरा बनती जा रही है. लगभग हर रूट पर 100 पर्सेंट ऑक्यूपेंसी रेट से चल रही है. नई दिल्ली और मध्यप्रदेश के रानी कमलापति स्टेशन के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस (New Delhi-Bhopal Vande Bharat Express) भी रेल यात्रियों के दिलों पर छा गई है. यही कारण है कि रूट पर आते-जाते वंदे भारत एक्सप्रेस में कोई भी सीट खाली नहीं रहती.
भारतीय रेलवे ने तीन अप्रैल से लेकर 10 जून तक जो आंकड़े जारी किए हैं. इन दो महीने में भोपाल से दिल्ली जाने वाली वंदे भारत ट्रेन में सौ फीसदी सीट टिकट बुकिंग रही है. रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, वंदे भारत ट्रेन से भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन से नई दिल्ली तक 69,417 यात्रियों ने सफर किया है. वंदे भारत ट्रेन की वजह से भोपाल रेल मंडल की आय में इजाफा हो गया है. भोपाल रेल मंडल को इससे 8 करोड़ 23 लाख रुपये का राजस्व मिला है. नई दिल्ली-रानी कमलापति वंदे भारत का एग्जीक्यूटिव चेयर कार का किराया 2,590 रुपये है.
स्पीड और सुविधाओं ने लुभाया
वंदे भारत एक्सप्रेस इस समय देश में सबसे ज्यादा सुविधाओं वाली ट्रेन है. साथ ही यह अन्य ट्रेनों के मुकाबले सफर भी कम समय में तय करती है. नई-दिल्ली-भोपाल रूट पर सबसे ज्यादा तेज गति से चलने वाली ट्रेन पहले शताब्दी एक्सप्रेस होती थी. लेकिन, अब यह दर्जा वंदे भारत के हिस्से आ गया है. शताब्दी नई दिल्ली से भोपाल का सफर 8 घंटे और 40 मिनट में पूरा करती है. वंदे भारत एक्सप्रेस नई दिल्ली से दोपहर बाद 2 बजकर 45 मिनट पर रवाना होगी और रानी कमलापति स्टेशन रात 10 बजकर 35 मिनट पर पहुंच जाती है. यह दिल्ली से भोपाल पहुंचने में 7 घंटे और 50 मिनट का समय लेती है. शताब्दी से तुलना करें तो वंदे भारत एक्सप्रेस नई दिल्ली से भोपाल का सफर 50 मिनट पहले तय करती है.
अगर हम शताब्दी एक्सप्रेस और वंदे भारत एक्सप्रेस को सुविधाओं के मामले में तौलें तो वंदे भारत बीस पड़ती है. यह सेमी हाई स्पीड ट्रेन हाइटेक सुविधाओं से लैस है. इसके सभी दरवाजे ऑटोमैटिक हैं. मेन गेट ट्रेन के पूरी तरह रुकने पर ही खुलेंगे. ट्रेन में जरा भी मूवमेंट हैं तो दरवाजे लॉक ही रहेंगे. वंदे भारत ट्रेन के हर कोच में लग्जरी बायो वैक्यूम टॉयलेट बने हुए हैं. सीट को यात्री अपने हिसाब से एडजस्ट कर सकते हैं. जिस दिशा में ट्रेन दौड़ेगी उसी दिशा में सीट भी घुमा सकते हैं. ये सीट 180 डिग्री तक घूम जाती है. हर कोच में एक 32 इंच का LED डिस्प्ले बोर्ड लगा हुआ है.
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FIRST PUBLISHED : June 20, 2023, 07:15 IST






