
हाइलाइट्स
अभी तीसरा मोर्चा तो नहीं बना, लेकिन केजरीवाल-बेनीवाल मिला रहे हैं पायलट के सुर में सुर
केजरीवाल ने श्रीगंगानगर में पायलट का भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाकर सीएम गहलोत को घेरा
हनुमान बेनीवाल ने भी पायलट की तरह राजस्थान लोक सेवा आयोग को भंग करने की मांग की
एच. मलिक
श्रीगंगानगर/जयपुर. पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) के कांग्रेस से बगावत कर नई पार्टी न बनाने से प्रदेश में मजबूत तीसरा मोर्चा बनाने की उम्मीदों पर पानी फिर गया है. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और रालोपा संयोजक हनुमान बेनीवाल अब ‘एक तीर से दो वार’ करते हुए सचिन पायलट के मुद्दों पर ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को घेरने की रणनीति अपना रहे हैं, ताकि सचिन को साध पर मुख्यमंत्री गहलोत को निशाना बनाया जा सके.
प्रदेश में पायलट के बागी तेवरों के बाद इस बात के कयास जोरों पर थे कि वो नई पार्टी बना सकते हैं. लेकिन 11 जून को पिता राजेश पायलट की पुण्यतिथि पर इस तरह की कोई घोषणा उनके द्वारा नहीं की गई.
पायलट की तरह आरपीएससी को भंग करने की मांग
हालांकि, गहलोत-पायलट के बीच छिड़े सियासी संग्राम के चलते राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक हनुमान बेनीवाल ने पहले ही पायलट पर डोरे डाले थे. उन्होंने पायलट को कांग्रेस छोड़कर नई पार्टी बनाने और मिलकर चुनाव लड़ने का ऑफर दिया था. पायलट इस राह पर तो नहीं आए, लेकिन बेनीवाल ने पायलट के मुद्दों को उठा दिया है. उन्होंने पेपर लीक मामले में आरपीएससी को भंग करने, चेयरमैन को बर्खास्त करने की सीएम गहलोत से मांग की है. ताकि पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो सके और राजस्थान के लाखों मेहनतकश युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो. पायलट भी युवाओं की पैरवी करते हुए आरपीएससी को भंग करने की वकालत कर चुके हैं.
पेपर लीक मामले में सीएम गहलोत पर कसा तंज
सांसद बेनीवाल ने कहा मुख्यमंत्री गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वास्तव में पेपर लीक करने वाले माफियाओं पर कानूनी शिकंजा कसने का उनमें मादा है तो उन्हें राजस्थान लोक सेवा आयोग के चेयरमैन को बर्खास्त करने की प्रक्रिया को अपनाते हुए गिरफ्तार कराना चाहिए. राजस्थान लोक सेवा आयोग के सदस्य बाबू लाल कटारा द्वारा 60 दिवस पहले ही पेपर अपने घर पर ले जाना चेयरमैन की शह के बिना असंभव है. जिस तरह आरपीएससी के काले कारनामों की एक-एक करके परत खुल रही है. उसकी असली सच्चाई आयोग के चेयरमैन की गिरफ्तारी से ही सामने आएगी.
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केजरीवाल की पंजाबी बहुल इलाके से एंट्री की कोशिश
रालोपा संयोजक बेनीवाल ने पायलट को रिझाने के दौरान तब थर्ड फ्रंट बनाने के लिए आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल से भी मीटिंग की थी. ताकि तीसरे मोर्चे की ताकत और मजबूत हो सके. अब बेनीवाल की तरह केजरीवाल ने भी पायलट के मुद्दे को पकड़ा है. केजरीवाल ने राजस्थान में एंट्री लेने के लिए पंजाब से सटे श्रीगंगानगर में चुनावी शंखनाद किया है. इस सरहदी इलाके में पंजाबी और सरदार वोटर्स के ज्यादा होने के चलते सीएम भगवंत मान ने भी सभा में उनके साथ शिरकत की.
केजरीवाल ने पायलट के भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाया
इस मौके पर केजरीवाल ने पायलट के मुद्दे को उठाते हुए सीएम अशोक गहलोत का निशाना साधा. केजरीवाल ने तंज करते हुए कहा कि यही अशोक गहलोत, जब इनकी सरकार नहीं थी तो वसुंधरा राजे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते थे. अब इनकी सरकार आई तो वो बेचारा सचिन पायलट रो-रोकर मर गया. सचिन करता रहा कि भ्रष्टाचार के चलते वसुंधरा राजे को गिरफ्तार करो. गहलोत कहते हैं कि मैं नहीं करता, वो तो मेरी बहन लगती है. केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी-कांग्रेस दोनों मिलकर भ्रष्टाचार कर रहे हैं. इसलिए जनता नया विकल्प चाहती है.
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Tags: Ashok Gehlot Vs Sachin Pilot, Assembly election, Chief Minister Arvind Kejriwal, Rajasthan news
FIRST PUBLISHED : June 20, 2023, 06:04 IST






