
बेंगलुरु. जमीयत-उलेमा-ए-हिंद की कर्नाटक (Karnataka) इकाई के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती इफ्तेकार कासमी ने मुसलमानों को बकरीद के दौरान गोकशी के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा है कि हालांकि राज्य में सरकार बदल गई है, लेकिन पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा लाया गया कानून अभी भी लागू है. कासमी ने मुसलमानों को सलाह दी कि वे कानूनी अड़चनें पैदा न करें और उपद्रवियों को कोई व्यवधान पैदा करने की स्थिति न बनने दें क्योंकि कर्नाटक वध रोकथाम और पशु संरक्षण अधिनियम को निरस्त नहीं किया गया है.
कासमी ने सोमवार को पीटीआई-भाषा से कहा, ‘खास जानवर की एक बड़े समुदाय द्वारा पूजा की जाती है और इसे गौ माता कहा जाता है. इस संदर्भ में, (पशु) की बलि देने की सलाह नहीं दी जाती, जब पहले से ही कानून है जो विशेष पशु की कुरबानी को प्रतिबंधित करता है.’ उन्होंने कहा, ‘हम कानूनी अड़चनें पैदा न करें और बकरीद के अवसर पर बड़े जानवरों की कुरबानी के नाम पर गड़बड़ी पैदा करने वालों को उपद्रव न करने दें.’
सरकार बदली, लेकिन संबंधित कानून अब भी मौजूद
कासमी ने कहा कि हालांकि राज्य में सरकार बदल गई है, लेकिन संबंधित कानून अब भी मौजूद है. उन्होंने मुसलमानों से बकरीद की पूर्व संध्या पर स्वच्छता अभियान का पालन करने के साथ ही कानून का पालन करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने का आग्रह किया. राज्य की नयी कांग्रेस सरकार में मंत्री पिछली भाजपा सरकार द्वारा लाए गए गोहत्या रोधी कानून को निरस्त करने के लिए मुखर रहे हैं.
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FIRST PUBLISHED : June 20, 2023, 05:30 IST






