लखनऊ में स्थित है ऐसा ऐतिहासिक गुरुद्वारा, जहां आज भी मौजूद हैं गुरु गोविंद सिंह की हस्तलिखित चिठ्ठियां

ऋषभ चौरसिया/लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी अपने धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है. यह गुरुद्वारा यहियागंज में स्थित है. जहां सिख धर्म के प्रचारक चंद्रचूड़ और बोझड़ ने 1580 के आसपास सिख धर्म का प्रचार शुरू किया था. इन्हें सिखों के छठवे गुरु हरगोविंद सिंह जी महाराज ने यहां भेजा था. गुरुद्वारे के ज्ञानी जगजीत सिंह ने बताया कि इस गुरुद्वारे में गुरु गोविंद सिंह जी के द्वारा भेजे गए दो हुक्मनामे और एक हस्तलिखित गुरुग्रंथ साहिब भी संरक्षित हैं.

पहला हुकुमनामा 1693 ई में आया था, जो की गुरु गोविंद सिंह द्वारा लिखित था. जिसमें उन्होंने 5 तोला सोना और कमाई का 10 प्रतिशत हिस्सा मंगवाने का आदेश दिया था. यह आदेश सिख समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश था. जिसने उन्हें अपनी संपत्ति और संसाधनों का सही उपयोग करने की दिशा दी. दूसरा हुकुमनामा 1701 ई. में लिखा गया था. जिसमें गुरु गोविंद सिंह ने तोप के कारीगर को बुलाने का आदेश दिया था. इस समय मुग़ल साम्राज्य के साथ युद्ध की शुरुआत हो चुकी थी और इस हुकुमनामे के माध्यम से गुरु गोविंद सिंह ने सिख समुदाय को युद्ध के लिए तैयार करने का आदेश दिया था.

मन्नत पूरी होती है

यह गुरुद्वारा सिख समुदाय के लिए न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह उनके इतिहास और संस्कृति का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसके अलावा यह गुरुद्वारा उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो सिख इतिहास और संस्कृति के प्रति रुचि रखते हैं. यहां जो सच्चे मन से गुरु साहब से मन्नत मांगता है उसकी अरदास जरूर पूरी होती है.

कैसे पहुंचे

अगर आप भी इस गुरुद्वारे पर जाना चाहते है तो आप को आना होगा यहियागंज बाजार, ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादर साहिब जी यहिया गंज लखनऊ. आप चारबाग रेलवे स्टेशन से ऑटो कैब द्वारा आसानी से पहुंच सकते है.

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Author: Jagran Times

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