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बताया, यह परंपरा आदि काल से चली आ रही है. जब भी किसी बुजुर्ग का देहांत होता तो उसके नाम से कब्र घर के बाहर बना देते हैं और उसमें उस व्यक्ति की सारी जानकारी होती है. जैसे वह किस दिन मरा, किसने अंतिम संस्कार किया, भोज में कितने लोग थे, भोज का खर्च किसने उठाया व किस बीमारी से मृत्यु हुई, कितने साल तक जिंदा रहे.
Author: Jagran Times
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