
सोनिया मिश्रा/चमोली. उत्तरांचल यूथ एंड रूरल डेवलपमेंट सेंटर द्वारा चमोली जिले के नारायणबगड़ ब्लॉक के तीन गांवों में इन दिनों बद्री गाय के गोबर से अलग-अलग तरीके की सुंदर मूर्तियां, दिए, आदियोगी, गमले बनाने का प्रशिक्षण देने का काम किया जा रहा है, जिससे अब ग्रामीणों को गाय से न सिर्फ दूध मिलेगा, बल्कि गाय के गोबर से ग्रामीणों की आजीविका भी मजबूत होगी.
चमोली जिले के नारायण ब्लॉक के भगोती, रतनी और केवर गांव में महिलाओं को गाय के गोबर से विभिन्न आकर्षक वस्तुएं बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे महिलाएं अपने घर के कामकाज के साथ ही साथ घर बैठे रोजगार से भी जुड़ सकेगी.
गाय भी रहेंगी सुरक्षित
उत्तरांचल यूथ एंड रूरल डेवलपमेंट सेंटर के सचिव हरपाल नेगी ने बताया कि अक्सर देखा जाता है कि जब तक पहाड़ों में गाय दूध देती है तब तक गांव वाले गाय को घर में रखते हैं और जैसे ही गाय दूध देना छोड़ती है लोग उसे आवारा छोड़ देते हैं. जिसे देखते हुए हमने गाय के गोबर, गौ मूत्र से कई प्रकार के प्रोडक्ट बनाना शुरू किए है. जिससे ग्रामीणों की आजीविका तो बढ़ेगी ही, लेकिन इसके साथ ही साथ गाय भी सुरक्षित रह सकेगी.
कई तरीके का समान बना रही है महिलाएं
उन्होंने ने बताया कि अभी तक हमने ब्लॉक के तीन गांवों को प्रशिक्षण के लिए चुना है. जिसमें से दो गांवों में हमारा प्रशिक्षण पूरा हो गया है जहां हमने महिलाओं को दिए, वॉल हेंगिग आइटम्स, गणेश की मूर्ति, ओम, स्वस्तिक, श्री, श्रीयंत्र जैसे तमाम आइटम्स बनाने का प्रशिक्षण दिया है. साथ ही वह बताते है कि अभी तक हमारे साथ लगभग 100 महिलाएं जुड़ चुकी हैं. हमारी कोशिश है कि हम जिले के हर एक गांव में जाकर महिलाओं को इस प्रकार के प्रशिक्षण देने का काम करें.
लोगों की डिमांड का है इंतजार
हरपाल नेगी कहते हैं कि हमने एक नई मुहिम शुरू तो कर ली है, लेकिन जब तक लोग डिमांड नहीं देंगे तब तक महिलाओं को उनकी मेहनत का मुआवजा नहीं मिल पाएगा. जैसे दीपावली में अगर सभी लोग दिए की डिमांड करेंगे तो निश्चित तौर पर महिलाएं बढ़ चढ़कर दिए बनाने के काम में जुट जाएगी और जिससे निश्चित तौर पर उन्हें लाभ मिलेगा.
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FIRST PUBLISHED : June 18, 2023, 17:41 IST






