ना कोटा ना दिल्ली… सेल्फ स्टडी के दम पर निकाल ली NEET, अब ठेले पर फल बेचने वाले का बेटा बनेगा डॉक्टर


मोहित शर्मा/करौली. हालात चाहे कैसी भी क्यों ना हो, हौसला हो तो मंजिल दूर नहीं रह सकती. नीट परीक्षा में सफलता हासिल कर यह साबित कर दिखाया है करौली के एक सामान्य गरीब परिवार से आने वाले दीपक राठौर ने. जिन्होंने अपने पिता की 17 से 18 घंटे की मेहनत को देखा. उनके पिता ठेले पर फल बेचते थे. अब उनके बेटे ने कड़ी मेहनत के बाद दूसरे प्रयास में नीट परीक्षा में सफलता पाई है. ठेले पर दिन रात एक करके फल बेचने वाले पिता की मेहनत का फल आज उसके बेटे ने नीट एग्जाम पास कर चुका दिया है. जिससे आज एक सामान्य से छोटे से गरीब परिवार में खुशियों की बहार छाई हुई है.

हाल ही में आए नीट परीक्षा के परिणाम अपनी कड़ी मेहनत और लगन के आधार पर सफलता हासिल करने वाले दीपक करौली की पुरानी सब्जी मंडी सेवा सिंह की गली में रहने वाले फल विक्रेता कैलाश राठौर और गुड्डी देवी के पुत्र है. दीपक के पिता कैलाश फल का ठेला लगाकर अपना जीवन यापन करते है.

ऑनलाइन स्टडी और एनसीआरटी की बुक से की पढ़ाई
अपनी सफलता से सामान्य से गरीब परिवार का नाम रोशन करने वाले दीपक राठौर का कहना है कि उन्होंने नीट एग्जाम के दूसरे प्रयास में 632 अंक प्राप्त किए हैं. जिसके लिए उन्होंने ऑनलाइन स्टडी और एनसीआरटी की बुक बार-बार पढ़कर पढ़ाई की थी. इस एग्जाम में टेस्ट का काफी महत्व होने के कारण उन्होंने एक टेस्ट सीरीज में ज्वाइन की थी.

परिवार में सबसे छोटे है दीपक, बड़े भाई से मिली प्रेरणा
दीपक ने न्यूज 18 लोकल से बातचीत में बताया कि मेरे परिवार में चार बहन भाई है. जिनमें सबसे छोटा मैं हूं. हमारे पिताजी एक छोटी से फल विक्रेता है. जो सुबह से शाम तक ठेले पर फल बेचते है. दीपक का कहना है कि उन्हें डॉक्टर बनने की अपने बड़े भाई से मिली थी.

सेल्फ स्टडी रखती है मायने
दीपक बताते हैकि हर एग्जाम की तैयारी में सेल्फ स्टडी ही मायने रखती है. कोचिंग और ऑनलाइन स्टडी एक लिमिट तक आपका साथ दे सकती है. आगामी दिनों में नीट की तैयारी करने वाले बच्चों के लिए दीपक का कहना है कि अगर आप अच्छे अंक से परीक्षा पास करना चाहते हैं तो सोशल मीडिया से दूरी बना ले. ज्यादा इधर-उधर ध्यान लगाने के बजाय आप एनसीआरटी की बुक बार बार पढ़कर ही नीट एग्जाम को पास कर सकते हैं.

रात तक जागकर 15 घंटे तक करता था पढ़ाई
पिता के ठेले पर फल बेचने में हाथ बटाने वाले दीपक के बड़े भाई सोनू राठौर ने बताया कि दीपक लगभग 2 साल से नेट की तैयारी कर रहा था. जिसके लिए दीपक ने रात भर जाग जाग कर 15 – 16 घंटे की पढ़ाई की थी और वह रात को सोते वक्त पढ़ते वक्त नींद ना आए इसलिए खाना भी कम खाता था. आज दीपक की उसी जमकर की गई मेहनत का रंग उसका एग्जाम स्कोर बयां कर रहा है.

Tags: Local18, NEET, Neet exam

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Author: Jagran Times

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