नई दिल्ली: लोगों का मानना है कि ‘आदिपुरुष’ (Adipurush) में रावण और भगवान हनुमान को जिस तरह दिखाया गया है, वह काफी शर्मनाक है. फिल्म के खराब वीएफएक्स और छपरी डायलॉग लोगों को गुस्सा दिला रहे हैं. फिल्म में लंका दहन के सीन में भगवान हनुमान के विवादित डायलॉग की वजह से इसके लेखक मनोज मुंतशिर लोगों के निशाने पर आ गए हैं.
फिल्म के कुछ खराब डायलॉग की वजह से लोग मनोज मुंतशिर को ट्रोल कर रहे हैं, मगर मनोज मुंतशिर ‘आदिपुरुष’ के पक्ष में सफाई देने में लगे हैं, पर खुलकर माफी नहीं मांग रहे हैं. उन्होंने नए ट्वीट में लिखा, ‘ रामकथा से पहला पाठ जो कोई सीख सकता है, वो है हर भावना का सम्मान करना. सही या ग़लत, समय के अनुसार बदल जाता है, भावना रह जाती है. आदिपुरुष में 4000 से भी ज़्यादा पंक्तियों के संवाद मैंने लिखे, 5 पंक्तियों पर कुछ भावनाएं आहत हुईं. उन सैकड़ों पंक्तियों में जहां श्री राम का यशगान किया, मां सीता के सतीत्व का वर्णन किया, उनके लिए प्रशंसा भी मिलनी थी, जो पता नहीं क्यों मिली नहीं.’
वे ट्वीट में आगे लिखते हैं, ‘मेरे ही भाइयों ने मेरे लिये सोशल मीडिया पर अशोभनीय शब्द लिखे. वही मेरे अपने, जिनकी पूज्य माताओं के लिए मैंने टीवी पर अनेकों बार कवितायें पढ़ीं, उन्होंने मेरी ही मां को अभद्र शब्दों से संबोधित किया. मैं सोचता रहा, मतभेद तो हो सकता है, लेकिन मेरे भाइयों में अचानक इतनी कड़वाहट कहां से आ गई कि वो श्री राम का दर्शन भूल गये जो हर मां को अपनी मां मानते थे. शबरी के चरणों में ऐसे बैठे, जैसे कौशल्या के चरणों में बैठे हों.’

(फोटो साभार: Twitter)
मनोज मुंतशिर अपने जज्बात बयां करते हुए कहते हैं, ‘हो सकता है, 3 घंटे की फ़िल्म में मैंने 3 मिनट कुछ आपकी कल्पना से अलग लिख दिया हो, लेकिन आपने मेरे मस्तक पर सनातन-द्रोही लिखने में इतनी जल्दबाजी क्यों की, मैं जान नहीं पाया. क्या आपने ‘जय श्री राम’ गीत नहीं सुना, ‘शिवोहम’ नहीं सुना, ‘राम सिया राम’ नहीं सुना? आदिपुरुष में सनातन की ये स्तुतियां भी तो मेरी ही लेखनी से जन्मी हैं. ‘तेरी मिट्टी’ और ‘देश मेरे ’भी तो मैंने ही लिखा है.’
मनोज मुंतशिर आखिर में लिखते हैं, ‘मुझे आपसे कोई शिकायत नहीं है, आप मेरे अपने थे, हैं और रहेंगे. हम एक दूसरे के विरुद्ध खड़े हो गये तो सनातन हार जायेगा. हमने आदिपुरुष सनातन सेवा के लिए बनायी है, जो आप भारी संख्या में देख रहे हैं और मुझे विश्वास है आगे भी देखेंगे. ये पोस्ट क्यों? क्योंकि मेरे लिये आपकी भावना से बढ़ के और कुछ नहीं है. मैं अपने संवादों के पक्ष में अनगिनत तर्क दे सकता हूँ, लेकिन इस से आपकी पीड़ा कम नहीं होगी. मैंने और फ़िल्म के निर्माता-निर्देशक ने निर्णय लिया है, कि वो कुछ संवाद जो आपको आहत कर रहे हैं, हम उन्हें संशोधित करेंगे, और इसी सप्ताह वो फ़िल्म में शामिल किए जाएंगे. श्री राम आप सब पर कृपा करें!’
(फोटो साभार: Twitter)
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मनोज मुंतशिर के जज्बात अपनी जगह हैं, पर लोगों को लगता है कि वे सिर्फ सफाई दे रहे हैं. खुलकर माफी भी नहीं मांग रहे हैं. एक यूजर लिखता है, ‘हाथ जोड़कर गलती मांग लें तो कुछ नहीं होता, लेकिन ये तो उल्टा चोर कोतवाल को डांटे. ऊपर से ‘कुछ लोग कुछ लोग’ करके सभी का विरोध कर रहे हैं.’ एक दूसरा यूजर कहता है, ‘माफी मांगने के बजाय सफाई दे रहे हो, यह आपकी सबसे बड़ी भूल है, रावण और आप, ओम राउत में कोई अंतर नहीं दिख रहा है. रावण को घमंड था कि वो जो कर रहा है, वो सही है और आप लोगों में भी वही घमंड दिख रहा है आज. जल्द ही आप लोगों को अपने कर्मों का फल मिलेगा.’ बता दें कि खराब रिव्यू के बावजूद, फिल्म ‘आदिपुरुष’ दो दिनों में 200 करोड़ रुपये के क्लब में शामिल हो गई है.
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Tags: Adipurush, Manoj Muntashir
FIRST PUBLISHED : June 18, 2023, 14:14 IST






