
जुगल कलाल/ डूंगरपुर. (NEET) एग्जाम के नतीजे जारी कर दिये गए हैं. नीट के नतीजों में डूंगरपुर के दर्शील यादव को भी सफलता मिली है. उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कठिन संघर्ष किया है. नीट पास हुए दर्शील के पिता अमृतलाल यादव पेशे से सरकारी प्रिंसिपल है और मां रुक्ष्मणी भी सरकारी टीचर हैं. इस वजह से उन्हें बचपन से ही घर में पढ़ाई-लिखाई का माहौल मिला. दर्शील ने नीट में 652 एससी कैटेगिरी (ऑल इंडिया) में रैंक हासिल की है.
न सोशल मीडिया न फोन
डूंगरपुर शहर के सिंधी कॉलोनी के रहने वाले दर्शील यादव 18 साल के हैं. आज दौर में हर कोई सोशल मीडिया में फेमस होना चाहता है. लेकिन, दर्शील ने न अभी तक किसी भी सोशल मीडिया कोई एकाउंट बनाया है और ना ही उनके पास खुद का मोबाइल है. इसी का नतीज़ा था दर्शील नीट की परीक्षा को पास कर लिया. दर्शील अब एक बेहतर और कामयाब डॉक्टर बनना चाहता है.
रोज करते 5 से 6 घटे पढ़ाई
दर्शील यादव से जब न्यूज 18 टीम ने बात कि तो वो कहते है कि, वो नीट की परीक्षा के लिए कोटा चले गए. पिछले 2 सालों से एक दिन भी ऐसा नहीं गया जिस दिन उन्होंने पढ़ाई नहीं की हो. रोजाना 5 घंटे की कोचिंग में क्लास लेने के बाद वो 5 से 6 घटे रूम पर आकर पढ़ाई करते थे. घर बात करने के लिए आस पास में से किसी का फोन लेकर बात कर लेते है. वहीं, जैसे ही उनकी मां को नौकरी से समय मिलता तो मां कोटा आ जाती थी.
दर्शील यादव ने पहले की प्रयास में एससी कैटेगिरी 652 रैंक हासिल की है. वह अब कई लोगों के प्रेरणा हैं. उनका संषर्घ बताता है कि अपने विजन पर टिके रहो, कामयाबी एक दिन जरूर मिलेगी और दर्शील की सफलता को देखते हुए लगता है कि सोशल मीडिया से दूरी व कड़ी मेहनत से उन्हों सबसे मुश्किल लगने वाली परीक्षा को आसानी से पास कर लिया.
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FIRST PUBLISHED : June 15, 2023, 16:02 IST






