Video : पीपल-बरगद की अनूठी शादी, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ विवाह, सैकड़ों लोग बने साक्षी 


 हर्षिल सक्सेना/ बारां.अटरू कस्बे में पीपल के पेड़ की अनूठी शादी का मामला सामने आया है. पीपल के पेड़ की शादी बरगद वृक्ष के साथ वैदिक मंत्रोच्चार और परम्पराओ के साथ कराई गई. इसके लिए पहले कुंडली मिलवाई गई. फिर हल्दी मेहंदी की रस्म के साथ ही लोगों को कार्ड भेजकर निमंत्रण भेजा गया. शादी में शामिल होने के लिए दूर से रिश्तेदार पहुंचे.

बारां जिले के अटरू स्थित ढोक तलाई स्टेडियम में पेड़ की अनोखी शादी कराई गई है. इसमें बाकायदा लोगों को कार्ड छपवाकर निमंत्रण भेजा गया. दूर-दराज के लोग शामिल हुए. इस शादी में शामिल लोगों ने बाराती की तरह लुत्फ लिया. बता दें कि पीपल के पेड़ की शादी बरगद वृक्ष से कराई गई है.

अटरू कस्ब निवासी अंकुर प्रजापति ने बताया की परिवार ने बड़- पीपल के पेड़ की शादी का आयोजन किया. इस समारोह में शामिल होने के लिए बारां जिले के कई स्थानों से भी रिश्तेदार पहुंचे. अटरू के ढोक तलाई स्टेडियम में एक परिवार लगभग 20 वर्षों से रह रहा है. बता दें आपको कि लगभग 15 वर्ष पूर्व अंकुर प्रजापति के माता पिता द्वारा ढोक तलाई स्टेडियम में पीपल ओर बरगद के 2 पेड़ लगाए गए थे. जिनका पालन पोषण अपने परिवार के सदस्यों की तरह किया गया. स्टेडियम के बाउंड्री निर्माण में भी उक्त पेड़ो को इस परिवार ने कटने नहीं दिया. जैसे ही ये पेड़ युवा अवस्था में पहुंचे तो इस अनूठी परम्परा के जरिये न सिर्फ दोनों का पाणिग्रहण किया. बल्कि बासन बिंदोरी के बाद गांव के पुजारी महेंद्र भट्ट ने वैदिक मंत्रोच्चार से सप्तपदी फेरो के साथ पाणिग्रहण सम्पन्न करवाया. जिसके सैंकड़ो लोग साक्षी बनें.

ग्रामीणों ने बताया कि इस परंपरा को हम सभी उत्साह पूर्वक मनाते हैं. वही इस परंपरा को मनाने का उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरूकता है. जिस तरह से वर्तमान में पेड़ों की कटाई की जा रही है जिससे पर्यावरण अपना संतुलन खो बैठा है. भविष्य में कोई अनहोनी ना हो जिसको लेकर हमारे द्वारा पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना भी इस परंपरा का उद्देश्य है.

.

FIRST PUBLISHED : June 15, 2023, 15:02 IST

Source link

Jagran Times
Author: Jagran Times

Leave a Comment

Read More