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इस बात पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने महिला की परेशानी का हल बताया. इसके साथ ही उन्होंने महिला से कहा कि आप मन में दिव्य दरबार के लिए चुनौती लेकर आई हैं. हमें इस बात पर बहुत गुस्सा आता है, जब कोई सबकुछ समझते हुए बालाजी पर अंगुली उठाता. इसके बाद वे युवती से कहते हैं कि पूरे पंडाल, पंडाल के बाहर और जो लोग वैसे ही रास्ते में घूम रहे हों, उनमें से दो लोगों को बुला लाओ. मैं दो पर्चे बना रहा हूं, ये पर्चे उन्हीं के निकलेंगे.
Author: Jagran Times
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