Opinion: यातायात क्षेत्र में मोदी सरकार ने क्रांतिकारी बदलाव किए हैं


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विजनरी नेतृत्व में विगत 09 वर्षों में केंद्र सरकार ने सड़क, रेलवे, जलमार्ग और हवाई परिवहन पर एक साथ ध्यान देकर नागरिकों के जीवन, देश की सुरक्षा और आर्थिक विकास को सुदृढ़ किया है. गति और प्रगति के क्षेत्र में आई इस क्रांति से न केवल कनेक्टिविटी बढ़कर देश के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिला है बल्कि नागरिकों के जीवन की समग्र गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला.

रेलवे में आमूल चूल परिवर्तन
पहले बात भारतीय रेलवे की करते हैं. रेल की यात्रा को सुविधाजनक बनाना मोदी सरकार की प्राथमिकताओं में रहा है और विगत 9 वर्षों में भारत सरकार ने रेल सेवाओं में आमूल चूल परिवर्तन करके जबरदस्त सुधार किया है. एक तरफ डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसी योजना बनी जिसके द्वारा पूरे देश में गुड्स ढुलाई की निर्बाध आवाजाही को सुगम बनाकर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला तो दूसरी तरफ रेलवे के बुनियादी ढांचे के विस्तार और आधुनिकीकरण को प्राथमिकता देते हुए भारतमाला परियोजना और सागरमाला परियोजनाएं शुरू हुई, जिन्होंने रेलवे को रोडवेज और पोर्ट कनेक्टिविटी के साथ इंटीग्रेट करके मल्टीमॉडल परिवहन और आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया.

वंदे भारत से मिली गति
वंदे भारत ट्रेन ने तो देश की रेल यात्रा में क्रांति ही ला दी. इस अत्याधुनिक सेमी हाई-स्पीड ट्रेन ने अपनी अत्याधुनिक तकनीक और बेहतर सुविधा के साथ न केवल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित किया बल्कि पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर पैदा किए.

अब अगर सड़कों पर हुए काम की बात करें तो, इसे केवल इस तथ्य से समझना उचित होगा कि 2014-15 में जहाँ सड़कों और हाइवेज के लिए बजट महज 33,305 करोड़ रुपये था, वो 2023-24 में बढ़ाकर 2.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर दिया गया और इस दौरान हाइवे निर्माण की गति 200 फीसदी से भी ज्यादा बढ़ी. केंद्र सरकार ने हाइवे नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान देते हुए हाइवे नेटवर्क में गुणवत्तापूर्ण 60,000 से अधिक किलोमीटर को जोड़ा. एक तरफ जहाँ भारतमाला परियोजना द्वारा रिमोट एरिया और बॉर्डर एरिया में कनेक्टिविटी में सुधार किया गया तो वहीं दूसरी तरफ निर्माण और रख-रखाव गतिविधियों द्वारा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार प्रदान किया गया.

हवाई यात्रा में तब्दीली
हवाई सफर की बात करें तो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वो हवाई यात्रा जो पहले अभिजात्य वर्ग तक ही सीमित थी, अब उसकी पहुंच आम आदमी तक हो गई है. 2014 में घरेलू यात्रियों की कुल संख्या जो 60 मिलियन थी, वो कोविड-19 से पहले दोगुनी से अधिक बढ़कर 143 मिलियन तक हो गई. देश ने आजादी के 70 वर्षों के बाद तक जितने एयरपोर्ट को पाया था, उतने एयरपोर्ट मोदी सरकार ने केवल अपने 9 साल के कार्यकाल में दे दिए हैं. क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना उड़ान के तहत परिचालन मार्गों की संख्या 473 हो चुकने का लाभ ये हुआ कि ‘चप्पल पहनने वाला आदमी’ भी अब हवाई यात्रा को कर पाने में सक्षम है.

जलमार्गों का विकास
भारत के विकास के पथ पर दौड़ने की इबारत लिखने वाले इस पूरे क्षेत्र की बात अधूरी रह जाएगी अगर बंदरगाह और जलमार्ग की बात ना की जाए. देश में विगत 9 वर्षों में चालू राष्ट्रीय जलमार्गों की संख्या में वृद्धि 633 फीसदी तक हो चुकी है. राष्ट्रीय जलमार्गों पर कार्गो यातायात में 320 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है और 21 तटीय सामुदायिक विकास परियोजनाओं पर 1500 करोड़ रुपये खर्च किये गए हैं. मछली पकड़ने वाले बंदरगाह पर किये गए कामों से हजारों मछुआरों को लाभ पहुंचा है.

वास्तव में बीते 9 वर्षों में भारत ने ‘गति’ क्षेत्र में असाधारण ‘प्रगति’ की है. इसी प्रगति ने ना केवल भारत की सुरक्षा और व्यापार को सशक्त किया है बल्कि नागरिकों को भी देश के प्रति एक नया आत्मविश्वास दिया है.

( डिसक्लेमर – लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं और ये उनके निजी विचार हैं.)

Tags: Prime Minister Narendra Modi, Public Transportation

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Author: Jagran Times

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