MPPSC Success Story: बैतूल की प्रियंका और प्रशांत बने डिप्टी कलेक्टर, पढ़िए संघर्ष की कहानी



नई दिल्ली. MPPSC Success Story: लक्ष्य तय किए बिना सफलता हासिल कर पाना असम्भव है. लेकिन अगर आप ने एक बार लक्ष्य तय कर लिया है तो आपको मंजिल मिलना तय है. बैतूल की प्रियंका और प्रशांत उइके ने इसे चरितार्थ किया है. प्रियंका और प्रशांत ने एमपीपीएससी की परीक्षा पास की है. सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले प्रियंका और प्रशांत उइके अब डिप्टी कलेक्टर के पद पर काम करेंगे. प्रियंका और प्रशांत को बधाई देने वालों का तांता लगा है.

बता दें कि मध्यप्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य सेवा परीक्षा 2020 का मुख्य परीक्षा रिजल्ट शुक्रवार को जारी किया गया है. इसमें बैतूल के मालवीय वार्ड निवासी और सेवानिवृत प्राचार्य रामराव उइके के पुत्र प्रशांत उइके का डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयन हुआ है. खास बात यह है कि इससे पहले प्रशांत ने राज्य सेवा परीक्षा 2016 में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर भी चयनित हुए थे. लेकिन चयन के बाद एक्सीडेंट होने के कारण फिजिकल ट्रेनिंग नहीं कर पाए. ऐसे में उन्हें डीएसपी का पद छोड़ना पड़ा. लेकिन एक बार फिर एमपीपीएससी 2020 की मुख्य परीक्षा में 20 वीं रैंक लाकर अपनी लगन और मेहनत से प्रशांत ने साबित कर दिया है कि मेहनत का कोई तोड नहीं है.

शिक्षक की बेटी बनी डिप्टी कलेक्टर
बैतूल की रहने वाली प्रियंका भलावी ने भी एमपीपीएससी की परीक्षा पास कर ली है. प्रियंका की 23 वीं रैंक है. डिप्टी कलेक्टर के लिए चयनित होने वाली प्रियंका के पिता शिक्षक हैं. प्रियंका ने अपनी सफलता से बैतूल जिले के साथ आदिवासी समुदाय का नाम भी रोशन किया है. बता दें कि प्रियंका ने 2017 में सिविल सेवा की तैयारी शुरू की थी. 2019 में उनका इंटरव्यू के लिए चयन हुआ था लेकिन फाइनल राउंड में बाहर हो गई. हालांकि अब एमपीपीएससी 2020 में उनका डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयन हुआ है.

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Author: Jagran Times

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