आधार डेटा बदलकर पीएफ का पैसा निकालने वाले जालसाजों पर सीबीआई का शिकंजा, 1 गिरफ्तार


नई दिल्ली. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आधार कार्ड विवरण में हेर-फेर कर ऑनलाइन दावों के माध्यम से कुछ लोगों की भविष्य निधि (पीएफ) निकालने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि गिरोह के सरगना दिल्ली के प्रियांशु कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर यह धोखाधड़ी की, जहां उसने कथित तौर पर ऐसे व्यक्तियों को निशाना बनाया, जिनके आधार कार्ड उनके पीएफ खातों से जुड़े नहीं थे.

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) के 11 सदस्यों को 39 फर्जी दावों के जरिए ठगा गया और 1.83 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई. एजेंसी ने आठ फरवरी, 2022 को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की शिकायत पर सात प्रतिष्ठानों और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिसमें वास्तविक लाभार्थियों के पीएफ खातों से अवैध रूप से धन निकालने के उद्देश्य से पहचान की चोरी से जुड़ी कथित धोखाधड़ी संबंधी गतिविधियां शामिल थीं.

जालसाजों के गिरोह ने कई शहरों में प्रतिष्‍ठानों को पंजीकृत कराया
आरोप है कि गिरोह ने कथित तौर पर नागपुर, औरंगाबाद, पटना, रांची जैसे विभिन्न शहरों में प्रतिष्ठानों को पंजीकृत कराया जिसमें पीएफ कवरेज बिना किसी भौतिक सत्यापन के ऑनलाइन लिया गया था. एजेंसी ने कहा कि जांच के दौरान, यह सामने आया कि इन प्रतिष्ठानों से जुड़ी विशिष्ट खाता संख्या (यूएएन) कुल अंशदायी खातों की तुलना में बहुत अधिक थी. सीबीआई ने कहा कि गिरोह ने कथित तौर पर अपने प्रतिष्ठानों में वास्तविक कर्मचारियों के यूएएन पंजीकृत किए और उन्हें केवल एक दिन के लिए अपने कर्मचारियों के रूप में दिखाया.

बिहार, झारखंड और दिल्‍ली में 8 परिसरों में ली तलाशी
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यूएएन वाले वास्तविक कर्मचारियों ने कभी इन फर्जी नियोक्ताओं के साथ काम नहीं किया था, लेकिन कर्मचारियों को दिन भर की सेवा दिखाकर इस गिरोह को अपने केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) विवरण बदलने की सुविधा दी गई. सीबीआई ने बिहार, झारखंड और दिल्ली में कुमार और अन्य के आठ परिसरों की तलाशी ली थी, जिसमें विभिन्न दस्तावेज, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, चेकबुक और पासबुक समेत अन्य कागजात बरामद हुए थे. सीबीआई के प्रवक्ता ने कहा कि एक विशेष अदालत ने कुमार को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

Tags: CBI, CBI investigation

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