दुधवा में बाघों की मौत के बाद PTR में भी अलर्ट, 15 दिनों तक छुट्टियों पर लगी रोक


सृजित अवस्थी/पीलीभीत: बीते कुछ दिनों में दुधवा टाइगर रिजर्व में लगातार बाघों की मौत के मामले सामने आए थे. एक के बाद एक मौत होने के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कड़ा रुख अपनाया. ऐसे में अब पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन भी पूरे मामले में अलर्ट मोड पर है. कर्मचारी से अधिकारी तक मॉनिटरिंग में जुटे हुए हैं. लखीमपुर जिले में स्थित दुधवा नेशनल पार्क देश दुनिया में इको टूरिज्म के लिए मशहूर है.

वहीं दुधवा टाइगर रिज़र्व में बाघों का कुनबा काफ़ी अधिक बढ़ा है. लेकिन 22 अप्रैल के बाद लगातार दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत का सिलसिला शुरू हो गया. 22 अप्रैल से अब तक दुधवा टाइगर रिजर्व में चार टाइगर मृत पाए गए हैं.  पूरे मामले में वन्यजीव प्रेमियों द्वारा दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन की कड़ी आलोचना की गई. जिसके बाद मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए कड़ा एक्शन लिया और अधिकारियों को ट्रांसफर कर दिया था.

छुट्टियों पर लगी रोक
अब दुधवा टाइगर रिजर्व से सटे पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अधिकारी भी हरकत में आ गए हैं. अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक दिन रात वन्यजीवों की मॉनिटरिंग में लगे हुए हैं. वहीं शासन की ओर से आगामी 15 दिनों के लिए सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की छुट्टी पर रोक लगा दी गई है.

पूरनपुर इलाके में टाइगर की चहलकदमी
पीलीभीत जिले के पूरनपुर इलाके में पड़ने वाले मनहरिया गांव में तकरीबन दो सप्ताह से एक बाघ की चहलकदमी खन्नौत नदी के आसपास देखी जा रही है. वन विभाग की टीम ने टाइगर के लिए पिंजरा भी लगाया है, लेकिन अब तक बाघ की लोकेशन ट्रेस नहीं की जा सकी है.

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Author: Jagran Times

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