भाई-बहन की इस जोड़ी ने तैराकी में हासिल किया मुकाम, अब तक जीत चुके हैं 25 से ज्यादा मेडल


 शक्तिसिंह/ कोटा. कोटा के डीसीएम इलाके में रहने वाले दो भाई-बहन की जोड़ी स्विमिंग में काफी चर्चित है. ये दोनों भाई—बहन कोटा या स्टेट लेवल पर होने वाली हर प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हैं. दोनों ने अब तक दर्जनों मेडल प्रतियोगिताओं में जीते हैं. इनका सपना देश के लिए ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है. भाई कुशाल सिंह हाडा और बहन भावना हाड़ा बताते हैं कि वे दोनों 2019 से स्विमिंग कर रहे हैं. अब तक जिला और स्टेट लेवल परह होने वाली स्विमिंग की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है. इन प्रतियोगिताओं में उन्होंने गोल्ड, सिल्वर, ब्रांच मेडल हमेशा हासिल किए हैं.दोनों अब तक तीन ढाई दर्जन से ज्यादा मेडल ​हासिल किए हैं.

कुशालसिंह अंडर 14 और भावना हाड़ा अंडर-17 में स्विमिंग में होने वाली प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं. दोनों बहन—भाई जब भी कहीं भी प्रतियोगिता होती है तो वे इसमें भाग लेते हैं. वहां इनका मेडल पक्का रहता है. भावना ने बताया कि वे और उनका भाई प्रतिदिन 2 घंटे सुबह और 2 घंटे शाम को कोटा के नयापुरा में स्थित यूआईटी के स्विमिंग पूल में प्रैक्टिस करते हैं. इन्हें दो कोचों द्वारा स्विमिंग की परफेक्ट ट्रेनिंग दी जाती है. कोचर मनोज गोरी और शैलेंद्र सिंह गौड़ इन्हें स्विमिंग की हर एक बारीकी सिखाते हैं.

स्विमिंग के कोच मनोज गोहरी ने बताया कि कोटा इन बहन—भाई की जोड़ी काफी फेमस है. यह दोनों लगातार घंटों प्रैक्टिस करते हैं और हर प्रतियोगिता में अपना बेस्ट देखकर मेडल पक्का करते हैं. आने वाली प्रतियोगिता के लिए सुबह और शाम भावना और कुशाल दो दो घंटे प्रैक्टिस कर रहे हैं. आने वाले स्टेट प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करेंगे और कोटा का नाम रोशन करेंगे.

.

FIRST PUBLISHED : June 12, 2023, 19:52 IST

Source link

Jagran Times
Author: Jagran Times

Leave a Comment

Read More

उत्तर प्रदेश के बांदा निवासी 9 वर्षीय पुत्र ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया 2 मिनट में 200 देश के झंडे पहचान कर बताने वाला पार्थ झा नमक बच्चों ने इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है माता-पिता वर्तमान में मुंबई में रहते हैं डॉक्टर जे विक्रम चाइल्ड स्पेशलिस्ट चाइल्ड केयर नर्सिंग होम के मालिक मामा है मामा जी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि उनका भांजा पार्थ झा ने 2 मिनट में 200 देश के फ्लैग पहचान कर बताने में महारत हासिल की है महाराष्ट्र राज्य में स्थित संस्था ने गोल्ड मेडल और एक प्रमाण पत्र दिया है इस वक्त उसका नाम इंटरनेशनल बुक ऑफ़ रिकार्ड्स मैं दर्ज किया गया है भांजा और बहन पार्थझा मां जयश्री पिता अशोक झा बांदा के रहने वाले हैं हालांकि इसमें कोई शक नहीं है इतनी कम उम्र में 200 देश के झंडों का पहचान करना यह एक चमत्कार ही है दिमाग इस बच्चे का कंप्यूटर की तरह कार्य कर रहा है बांदा का लाल मुंबई में रहकर नाम पैदा कर रहा है सिर्फ बांदा भर का नहीं पूरे विश्व में भारत का नाम ऊंचा किया