Investment Tips : कम उम्र में रिटायरमेंट लेना है, तो अभी से करें प्‍लान, आसान हो जाएगा रास्‍ता

हाइलाइट्स

आपको महंगाई को ध्यान में रखकर बचत का 15% मेडिकल ज़रूरतों के लिए रखना चाहिए.
बच्चों की पढ़ाई के लिए 5% तक रखना सही सोच मानी जाती है.
बचत का बड़ा हिस्सा बच्चों की फ़ीस और मेडिकल इमरजेंसी में इस्तेमाल की नौबत आ सकती है.

नई दिल्‍ली. कम उम्र में रिटायर होना बहुत से लोगों का सपना है. आम तौर पर रिटायर होने की उम्र 65 साल मानी जाती है. इससे काफ़ी पहले सारी ज़िम्मेदारियां निपटाकर सुकून की ज़िंदगी जीना बहुतों की रोमांचक ख्वाहिश है. हालांकि, समय से पहले अपने आर्थिक लक्ष्यों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण भी है. साथ ही रिटायरमेंट से पहले और फिर उसके बाद अपनी आमदनी बरकरार रखना भी मुश्किल है. सुकून भरे रिटायरमेंट के लिए ज़रूरी है कि अपनी आमदनी, क़र्ज़ और निवेश के बीच सही संतुलन बनाकर रखा जाए.

ऐसा माना जाता है कि आपको महंगाई को ध्यान में रखकर बचत का 15% मेडिकल ज़रूरतों के लिए रखना चाहिए. बच्चों की पढ़ाई के लिए 5% तक रखना सही सोच मानी जाती है. महंगाई की बढ़ती दर को देखकर लोगों के लिए अपनी रिटायरमेंट के लिए पैसे बचाना काफ़ी मुश्किल साबित हो रहा है. बचत का बड़ा हिस्सा बच्चों की फ़ीस और मेडिकल इमरजेंसी में इस्तेमाल की नौबत आ सकती है. इसके अलावा, छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर लगातार घटाया जा रहा है. आसान शब्दों में कहें, तो रिटायरमेंट के लिए आपको काफ़ी बड़ी मात्रा में पैसे बचाने होंगे, ताकि सभी ज़रूरतें पूरी हो सकें.

म्‍यूचुअल फंड है सही तरीका
रिटायमेंट के इस लक्ष्य को पूरा करने का एक तरीका है म्यूचुअल फ़ंड में निवेश. म्यूचुअल फ़ंड में पैसे लगाकर आप अपनी निवेश की ज़रूरतें पूरी कर सकते हैं. साथ ही, हर निवेशक की जोखिम उठाने की अलग-अलग क्षमता को देखते हुए यहां ढेर सारे विकल्प भी मौजूद हैं. इक्विटी की बात करें तो म्यूचुअल फ़ंड आपको जोखिम उठान के लिए भी बहुत से विकल्प देते हैं. मिडकैप और स्मॉल कैप फ़ंड जैसे जोखिम वाली इक्विटी कैटेगरी हैं. ये लंबे समय के लिए ज़्यादा बेहतर रिटर्न दे सकते हैं. साथ ही, यह स्टॉक मार्केट में अपनी सक्रियता बढ़ाने का भी आसान ज़रिया है. रिटायरमेंट के लिहाज़ से वही म्यूचुअल फंड सही विकल्प माने जाते हैं, जिनमें विविधता हो और बाज़ार के उतार-चढ़ाव से ज़्यादा प्रभावित न हों. हम बताते हैं कि रिटायरमेंट के लक्ष्य को पूरा करने में म्यूचुअल फ़ंड कैसे मददगार हैं.

निवेश की शुरुआत जल्दी करें
अगर आप सामान्य उम्र से पहले रिटायर होना चाहते हैं, तो आपको निवेश की शुरुआत भी जल्दी करनी होगी. म्यूचुअल फ़ंड में निवेश लंबे समय के लिए करना फ़ायदेमंद है. जब आप जल्दी निवेश करना शुरू करते हैं, तो इसका फ़ायदा भी ज़्यादा होता है. जल्दी निवेश करने पर जोखिम लेने की क्षमता ज़्यादा रहती है. इसके अलावा, पैसा जितना ज़्यादा वक्त तक मार्केट में रहता है उससे मिलने वाला रिटर्न भी बढ़ता जाता है. इससे आप अपने लिए तय किए गए आर्थिक लक्ष्य भी समय पर पूरा कर सकते हैं.

सही विकल्प में निवेश करें
जब आप जल्दी रिटायर होने का विकल्प चुनते हैं, तो हर महीने होने वाली आमदनी में से बड़ा हिस्सा नहीं खर्च कर पाएंगे. साथ ही, आपके पास रिटायरमेंट से पहले अपने लिए बड़ी रकम जोड़ने के लिए भी कम समय होता है. आपके लिए बेहतर विकल्प होगा कि अपने लिए ऐसे म्यूचुअल फ़ंड चुनें, जो लंबी अवधि में रिटर्न देने में सक्षम हो. साथ ही, आपको ऐसी जगह पर निवेश करना चाहिए जहां कम लागत में रिटर्न ज़्यादा से ज़्यादा मिले.

हर साल निवेश की राशि बढ़ाएं
अगर आप जल्दी रिटायरमेंट चाहते हैं, तो एक ज़रूरी पहलू का हमेशा ध्यान रखें. वह है कि हर साल आमदनी बढ़ने के साथ निवेश की रकम बढ़ाते रहें. बढ़ती महंगाई के इस दौर में जितनी रकम आप निवेश करते हैं, वह भविष्य के लिहाज़ से देखें, तो उसी अनुपात में नहीं बढ़ती है. इसलिए, हर साल अपनी रिटायरमेंट के लिए निवेश की जाने वाली राशि बढ़ाने की सलाह दी जाती है, ताकि भविष्य में महंगाई को देखते हए आपकी निवेश के रिटर्न से ज़रूरतें भी पूरी होती रहें.

पोर्टफ़ोलियो को हर थोड़े दिन पर मैनेज करें
आपके निवेश में सक्रियता और निरंतरता होनी चाहिए. नियमित रूप से निवेश करना और अपने निवेश को समय-समय पर सक्रिय तरीके से मैनेज करना बहुत ज़रूरी है. ज़्यादा से ज़्यादा रिटर्न चाहते हैं, तो ज़रूरी है कि हर थोड़े दिन पर पोर्टफोलियो और निवेश की निगरानी करते रहें. इससे आपको लग सकता है कि पिछले कुछ वर्षों में किया निवेश, भविष्य में महंगाई को देखते हुए और आपकी मौजूदा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए काफ़ी नहीं है. ऐसे में आप रणनीत में बदलाव भी कर पाएंगे.

निवेश के फैसले पर अटल रहें
सबसे पहले ज़रूरी है कि अपने फ़ैसले पर दृढ़ रहें. इसके अलावा, अपने वर्तमान हालात का भी जायजा लेते रहें. आपको जल्दी रिटायरमेंट लेना है, तो इस बात का ध्यान रखना होगा कि मौजूदा लाइफ़स्टाइल में आपको कुछ समझौते करने पड़ सकते हैं. इससे आपको अपने आर्थिक लक्ष्यों को पूरा करने की प्रेरणा मिलेगी. साथ ही, उन पर निगरानी रखते हुए उन्हें सही ट्रैक पर रखन भी आसान होगा. इससे अगर ज़रूरत हो, तो आप ज़रूरतों और परिस्थितियों के बदलने पर निवेश की रणनीति में बदलाव कर सकेंगे.

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#अपने निवेशों को पंख दें

म्यूचुअल फंड निवेश के बारे में यह समझना ज़रूरी है कि यह जमा करने का विकल्प नहीं हैं. साथ ही, म्यूचुअल फ़ंड या एएमसी न तो निवेशकों के प्रति बाध्यकारी हैं, न ही रिटर्न की गारंटी देते हैं और न ही यह बीमाकृत होते हैं. म्यूचुअल फ़ंड निवेश की प्रकृति ऐसी है, जो रिटर्न या तय रिटर्न की गारंटी नहीं देते हैं. अतीत में किए गए प्रदर्शन को जब पेश किया जाता है, तो यह सिर्फ़ संदर्भ के लिए होता है. हम बता दें कि इसे भविष्य में ऐसे ही रिटर्न की गारंटी के तौर पर नहीं लिया जाना चाहिए. निवेश की यह योजना निवेशक के लिए फ़ायदेमंद है या नहीं, इसके बारे में निवेशकों को अपने आर्थिक सलाहकारों से मशवरा लेना चाहिए.

म्यूचुअल फंड निवेश जोखिम के अधीन हैं, कृपया सभी दस्तावेज़ सावधानी से पढ़ें

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