सोशल मीडिया पर वायरल ‘संस्कारी बेटा’, 1.50 लाख सैलरी, लेकिन नहीं खरीदा आईफोन, बोला- शौक से बड़ी है जिम्मेदारी

Social Media Viral: कहते हैं ना कि पैसा आता है तो आदमी का मिजाज बदल जाता है. नौकरी क्या लगी हाथ में महंगा फोन, कार और एक शानदार फ्लैट…यह हर युवा का एक सपना होता है. ज्यादातर युवा जिम्मेदारी निभाने के बजाय पहले अपने शौक पूरे करते हैं. लेकिन कुछ यंगस्टर्स होते हैं जो अपनी जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देते हैं. एक युवा उद्यमी ने सोशल मीडिया पर अपने मैसेज के जरिए यह सीख देने की कोशिश की है. वीसी मीडिया लैब के को-फाउंडर, 23 वर्षीय सुक्षुत मिश्रा, जो हर महीने डेढ़ लाख रुपये कमाता है लेकिन ना उसके पास आईफोन है, ना कार और ना घर है.

सुश्रुत का कहना है कि वह अपने माता-पिता के बिना अकेला नहीं रह सकता है. पूरे परिवार का बेहतर भविष्य उसकी जिम्मेदारी है. इस युवा ने ट्विटर पर एक पोस्ट करके यह बात कही. इसके बाद यूजर्स ने सोशल मीडिया साइट पर तरह-तरह के रिएक्शन दिए.

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‘निभा रहा हूं बेटे की जिम्मेदारी’
सुश्रुत ने ट्वीट में कहा, “मेरी उम्र 23 साल है और महीने में डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा कमाता हूं लेकिन अभी तक मेरे पास ऐपल आईफोन, रहने के लिए अपना घर और बाइक व कार नहीं है, क्यों? क्यूंकि मेरे बेटे के तौर पर मेरी कुछ जिम्मेदारियां है…इनमें रिटायर्ड मां-बाप की देखभाल, सभी तरह के पारिवारिक खर्चों का निर्वाहन और फैमिली के फ्यूचर को संवारने की प्लानिंग करनी है.

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इस ट्वीट को कई यूजर्स ने लाइक और रिट्वीट किया. कुछ यूजर्स ने कमेंट करते हुए इस युवा लड़के की तारीफ की. किसी ने कहा, “यह भारत की कहानी है. एक यूजर ने कहा, “23 साल की उम्र में 35 हज़ार के वेतन के साथ मैंने वही किया जो तुम कर रहे हो.”

एक यूजर ने इस लड़के से सवाल किया, “यहां तक ​​​​कि मेरे ऊपर भी सभी पारिवारिक जिम्मेदारियां हैं, लेकिन ऐसा क्या है जो ऐपल आईफोन, बाइक या घर लेने से आपको रोक रहा है?” इस पर सुश्रुत मिश्रा ने कहा कि पारिवारिक खर्च में बहन की शिक्षा और अन्य खर्च, भविष्य के लिए निवेश, मां की दवाएँ और घर खरीदने के लिए थोड़ी-सी बचत, क्योंकि अभी हम एक गांव में रहते हैं. ये सभी चीजें मेरे व्यक्तिगत शौक से जरूरी है.”

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