इंदौर ने बनाया नया कीर्तिमान, ‘नो भिक्षा संकल्प यात्रा’ वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज

अभिलाष मिश्रा/इंदौर. इंदौर ने नो भिक्षा के संकल्प का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है. इंदौर में नो भिक्षा संकल्प यात्रा निकाली गयी थी. यह यात्रा 25 मई को पितृ पर्वत के पास त्रिमूर्ति धाम से शुरू हुई थी. पहले ही दिन भिक्षा संकल्प यात्रा की शुरूआत 2150 लोगों ने एक साथ भिक्षा नहीं शिक्षा देने का संकल्प लेकर की थी. 6 दिन की इस संकल्प यात्रा में इंदौर को देश का पहला भिक्षावृत्ति मुक्त शहर बनाने के लिए 51387 लोगों ने सौगंध लेकर भिक्षा नहीं शिक्षा देने की ठानी.इस पूरी यात्रा के दौरान शहर के जनप्रतिनिधियों, कारोबारियों, उद्योगपतियों, समाजसेविओं, पत्रकारों, सामाजिक संगठनों, रहवासी संघों के साथ सभी तरह के लोगों के बीच जाकर उन्हें भिक्षा नहीं शिक्षा देने का संकल्प दिलाया गया था.

पहले दिन यात्रा में शामिल हुए 2150 लोग

आपके शहर से (इंदौर)

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश

इस पूरे सम्बन्ध में संस्था प्रवेश की संचालिका रूपाली जैन ने बताया की त्रिमूर्ति धाम पर दिगम्बर जैन मुनि आदित्यसागर, जैन मुनि अप्रमित सागर, जैन मुनि सहज सागर और श्वेताम्बर जैन संत आचार्य आदर्श रत्न सागर जी का आशीर्वाद लेकर मैंने भिक्षा संकल्प यात्रा शुरू की थी. यात्रा के तहत नो भिक्षा का संकल्प लेने वालों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती गई.

पहले दिन जहां 2150 लोगों ने संकल्प लिया, वहीं यात्रा के दूसरे दिन 9919 लोगों के संकल्प लेने के बाद यह संख्या 12069 हो गई. इसी तरह तीसरे दिन 5304, चौथे दिन 14219, पांचवें दिन 9471 और छठवें यानी यात्रा के आखिरी दिन कुल 10324 लोगों ने भिक्षा नहीं शिक्षा देने का दृढ संकल्प लिया.


छह दिन की यात्रा में भौतिक तौर पर संकल्प लेने वालों के साथ गूगल फॉर्म भरकर और मिस्ड कॉल देकर संकल्प लेने वालों की कुल संख्या 51387 हो गई है.किसी एक विशेष उद्देश्य के लिए संकल्प लेने की यह यात्रा विश्व रिकॉर्ड में भी दर्ज हो गई है. वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन ने इसे बीते गुरुवार को अपने रिकॉर्ड में इंदौर और संस्था प्रवेस के नाम को दर्ज कर लिया है.संकल्प लेने का यह सिलसिला तो आगे भी चलता रहेगा. साथ ही साथ भिक्षुकों के पुनर्वास में भी आपका सहयोग अपेक्षित है.

Tags: Indore news, Latest hindi news, Mp news

Source link

Jagran Times
Author: Jagran Times

Leave a Comment

Read More

उत्तर प्रदेश के बांदा निवासी 9 वर्षीय पुत्र ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया 2 मिनट में 200 देश के झंडे पहचान कर बताने वाला पार्थ झा नमक बच्चों ने इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है माता-पिता वर्तमान में मुंबई में रहते हैं डॉक्टर जे विक्रम चाइल्ड स्पेशलिस्ट चाइल्ड केयर नर्सिंग होम के मालिक मामा है मामा जी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि उनका भांजा पार्थ झा ने 2 मिनट में 200 देश के फ्लैग पहचान कर बताने में महारत हासिल की है महाराष्ट्र राज्य में स्थित संस्था ने गोल्ड मेडल और एक प्रमाण पत्र दिया है इस वक्त उसका नाम इंटरनेशनल बुक ऑफ़ रिकार्ड्स मैं दर्ज किया गया है भांजा और बहन पार्थझा मां जयश्री पिता अशोक झा बांदा के रहने वाले हैं हालांकि इसमें कोई शक नहीं है इतनी कम उम्र में 200 देश के झंडों का पहचान करना यह एक चमत्कार ही है दिमाग इस बच्चे का कंप्यूटर की तरह कार्य कर रहा है बांदा का लाल मुंबई में रहकर नाम पैदा कर रहा है सिर्फ बांदा भर का नहीं पूरे विश्व में भारत का नाम ऊंचा किया