UP रोडवेज की खुली पोल! कानपुर में बीच सड़क लोगों ने खटारा बस को लगाया धक्का, देखें Video


अखंड प्रताप सिंह/कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर में यूपी रोडवेज की एक बस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में लोग उत्तर प्रदेश रोडवेज की बदहाली की बात कह रहे हैं. यह वीडियो कानपुर के घाटमपुर इलाके का बताया जा रहा है. इस वीडियो में बस के यात्री रोडवेज बस को धक्का देते हुए नजर आ रहे हैं.

मिली जानकारी के मुताबिक, यह रोडवेज बस महोबा से कानपुर आ रही थी. इस दौरान, घाटमपुर बस स्टॉप के पहले यह बस अचानक बंद हो गई. काफी देर मशक्कत करने के बाद जब बस स्टार्ट नहीं हुई तो यात्रियों ने धक्का लगाया और जोर आजमाइश की, जिसके बाद किसी तरह बस स्टार्ट हुई. इस दौरान, लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया. सोशल मीडिया पर लोग सरकारी बस सेवा को लेकर ट्रोल कर रहे हैं.

बस को धक्का लगाकर किया जा रहा स्टार्ट

बताया जा रहा है कि यह रोडवेज बस महोबा डिपो की है. महोबा से सवारियों को बिठा कर यह कानपुर के लिए चली थी. रास्ते में घाटमपुर बस स्टॉप पर पहुंचते ही अचानक बस बंद हो गई. चालक और परिचालक के काफी प्रयास करने के बावजूद भी बस स्टार्ट नहीं हुई. बस बंद होने के कारण सड़क पर काफी लंबा जाम लग गया. तब यात्रियों ने बस को किनारे लगाने के लिए उसे धक्का देना शुरू किया. काफी देर मशक्कत करने के बाद बस स्टार्ट हो सकी.

इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. जिसके बाद लोग सरकारी बस सेवा की बदहाली की बात कह रहे हैं. उनका कहना है कि रोडवेज बसों का हाल आए दिन ऐसा ही होता है. विभाग लाख दावे करता है, लेकिन सरकारी बस सेवा खस्ताहाल है. सड़कों पर खटारा बसें चलाई जा रही हैं.

.

FIRST PUBLISHED : June 12, 2023, 11:56 IST

Source link

Jagran Times
Author: Jagran Times

Leave a Comment

Read More

उत्तर प्रदेश के बांदा निवासी 9 वर्षीय पुत्र ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया 2 मिनट में 200 देश के झंडे पहचान कर बताने वाला पार्थ झा नमक बच्चों ने इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है माता-पिता वर्तमान में मुंबई में रहते हैं डॉक्टर जे विक्रम चाइल्ड स्पेशलिस्ट चाइल्ड केयर नर्सिंग होम के मालिक मामा है मामा जी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि उनका भांजा पार्थ झा ने 2 मिनट में 200 देश के फ्लैग पहचान कर बताने में महारत हासिल की है महाराष्ट्र राज्य में स्थित संस्था ने गोल्ड मेडल और एक प्रमाण पत्र दिया है इस वक्त उसका नाम इंटरनेशनल बुक ऑफ़ रिकार्ड्स मैं दर्ज किया गया है भांजा और बहन पार्थझा मां जयश्री पिता अशोक झा बांदा के रहने वाले हैं हालांकि इसमें कोई शक नहीं है इतनी कम उम्र में 200 देश के झंडों का पहचान करना यह एक चमत्कार ही है दिमाग इस बच्चे का कंप्यूटर की तरह कार्य कर रहा है बांदा का लाल मुंबई में रहकर नाम पैदा कर रहा है सिर्फ बांदा भर का नहीं पूरे विश्व में भारत का नाम ऊंचा किया