250 गरीब बेटियों को मिलेगा सामूहिक विवाह योजना का लाभ, डीएम, एसपी सहित मंत्री बनेंगे बराती

अंजली शर्मा /कन्नौज. कन्नौज जनपद में चयनित 250 गरीब बेटियों को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ मिलने जा रहा है. ऐसे में इस योजना से जुड़ कर गरीब परिवार अपनी बेटियों का विवाह बड़े ही धूमधाम से कर सकते हैं. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जिले में इसी माह हर तहसील में शहनाइयां गूंजेगी. समाज कल्याण विभाग की तरफ से आवेदन लेना शुरू हो गया है. समाज कल्याण विभाग में जाकर आवेदन करें.

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के नाम से यह एक महत्वपूर्ण योजना चलाई जा रही है. जिसमें गरीब तबके की बेटियां समाज कल्याण विभाग में सीधे आवेदन करके इस योजना का लाभ ले सकती हैं. योजना में ग्रामीण क्षेत्र और शहरी क्षेत्र के आवेदक ईओ कार्यालय में आवेदन कर सकती है. आवेदन में अभिभावक का निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, दो लाख से अधिक आए ना हो, लड़की की उम्र का प्रमाण पत्र जो 18 वर्ष से अधिक हो, दूल्हे का भी आयु प्रमाण पत्र लगेगा जिसमें 21 वर्ष आयु से कम ना हो, लड़की का बैंक खाता, आधार कार्ड, वर-वधू का अलग-अलग फोटो लगता है.

51 हजार का मिलेगा लाभ

इस योजना में कन्याओं को शादी में 51 हज़ार रूपए की सहायता मिलती है. जिसमें 35 हज़ार रूपए विवाह उपरांत कन्या के खाते में डाले जाते हैं. 10 हज़ार रूपए का उपहार दिया जाता है और 6 हज़ार रूपए भोजन में खर्च होते है.

250 जोड़ों का सामूहिक विवाह 23 जून को

जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इसी माह की 23 जून को निर्धारित की गई है. जिसको लेकर जिलाधिकारी को प्रस्ताव भेज दिया गया है. इस योजना में गरीब तबके की कन्याओं को सीधा लाभ दिया जाता है. यह एक बहुत महत्वपूर्ण योजना है. इसमें बहुत ही सरल और आसान तरीके से आवेदन किया जाता है. आवेदन कर्ता अपने क्षेत्र के ब्लॉक और शहरी क्षेत्र में ईओ कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं और सीधे तौर पर जिला समाज कल्याण कार्यालय पर भी संपर्क कर सकते हैं. इस बार जिले भर में 250 कन्याओं का सामूहिक विवाह कार्यक्रम होना तय किया गया है.

Tags: Kannauj news, Local18, Marriage ceremony, UP news

Source link

Jagran Times
Author: Jagran Times

Leave a Comment

Read More

उत्तर प्रदेश के बांदा निवासी 9 वर्षीय पुत्र ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया 2 मिनट में 200 देश के झंडे पहचान कर बताने वाला पार्थ झा नमक बच्चों ने इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है माता-पिता वर्तमान में मुंबई में रहते हैं डॉक्टर जे विक्रम चाइल्ड स्पेशलिस्ट चाइल्ड केयर नर्सिंग होम के मालिक मामा है मामा जी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि उनका भांजा पार्थ झा ने 2 मिनट में 200 देश के फ्लैग पहचान कर बताने में महारत हासिल की है महाराष्ट्र राज्य में स्थित संस्था ने गोल्ड मेडल और एक प्रमाण पत्र दिया है इस वक्त उसका नाम इंटरनेशनल बुक ऑफ़ रिकार्ड्स मैं दर्ज किया गया है भांजा और बहन पार्थझा मां जयश्री पिता अशोक झा बांदा के रहने वाले हैं हालांकि इसमें कोई शक नहीं है इतनी कम उम्र में 200 देश के झंडों का पहचान करना यह एक चमत्कार ही है दिमाग इस बच्चे का कंप्यूटर की तरह कार्य कर रहा है बांदा का लाल मुंबई में रहकर नाम पैदा कर रहा है सिर्फ बांदा भर का नहीं पूरे विश्व में भारत का नाम ऊंचा किया