कौशाम्बी–
विश्व क्लबफुट दिवस के अवसर पर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, कौशांबी में क्लबफुट से प्रभावित बच्चों एवं उनके परिवारों के साथ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य क्लबफुट की समय पर पहचान, उपचार एवं नियमित फॉलो-अप के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करना था। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह द्वारा बताया गया कि क्लबफुट जैसी जन्मजात विकृति का समय पर उपचार बच्चों को सामान्य जीवन जीने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने अनुष्का फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए इसे प्रभावित बच्चों एवं उनके परिवारों के लिए एक वरदान बताया। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन के सहयोग से अनेक बच्चे आज अपने पैरों पर चलने में सक्षम हो सके हैं। कार्यक्रम का सुभारम्भ अभिभावकों के साथ केक काटकर किया गया।
रायबरेली से आए अनुष्का फाउंडेशन के मास्टर ट्रेनर एवं हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश प्रताप सरोज एवं महाविद्यायल के सहायक आचार्य डॉ. मोहित पटेल साथ मिलकर क्लबफुट से ग्रसित 24 बच्चों का परीक्षण एवं उपचार किया। जिसमें 4 बच्चों के पैरों का सफल ऑपरेशन तथा 5 बच्चों को प्लास्टर लगाया गया और बाकी बच्चो का समुचित उपचार किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी बच्चों एवं अभिभावको को प्रोत्साहन स्वरूप बिस्किट एवं पेय पदार्थ वितरण किया गया। साथ ही अभिभावकों को नियमित उपचार एवं फॉलो-अप के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। क्लबफुट एक जन्मजात स्थिति है, जिसमें बच्चे के पैर जन्म के समय अंदर की ओर मुड़े होते हैं। यह लगभग 800 बच्चो में से 01 नवजात बच्चा ग्रसित होता है, समय पर उपचार मिलने पर ऐसे बच्चे सामान्य एवं सक्रिय जीवन व्यतीत कर सकते हैं।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रभावित बच्चों की पहचान कर उन्हें उपचार सेवाओं से जोड़ा जाता है। कार्यक्रम में हॉस्पिटल मैनेजर डा0 शुयेव सिद्विकी, डा0 स्नेहिल मिश्रा, अनुष्का फाउंडेशन के ब्रांच मैनेजर विशाल सक्सेना, ज्योति राव, एवं तकनीशियन सुरेश तथा अमलेश सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी एवं अभिभावक उपस्थित रहे।








