कौशांबी–
जिला पंचायत के जिम्मेदारों की मनमानी से जिला पंचायत सदस्य आहत हो चुके हैं। पांच माह से विकास कार्यों के लिए टेंडर नहीं हो रहा है। इससे नाराज सदस्यों ने बुधवार को जिला पंचायत का घेराव किया। दोपहर को इकट्ठा हुए सदस्य कार्यालय के सामने शाम तक बैठे रहे। हालांकि अपर मुख्य अधिकारी धरना समाप्त कराने की कोशिश करते रहे। जिला पंचायत की कार्यप्रणाली को लेकर जिला पंचायत सदस्य असंतुष्ट हैं। उनका कहना है कि टेंडर प्रक्रिया ढुलमुल है। जानबूझकर इस प्रक्रिया को बाधित किया जा रहा है। जिसकी वजह से जिला पंचायत सदस्यों के क्षेत्रों में विकास कार्य नहीं हो पा रहा है।
सदस्यों ने बताया कि स्ट्रीट लाइट व हाईमास्ट का टेंडर हो चुका है, लेकिन कार्य नहीं कराया जा रहा है। लगभग पांच माह से निर्माण कार्य का टेंडर ही नहीं किया जा रहा है। जानबूझकर इसको रोका गया है। जिला पंचायत के पास करोड़ों रुपया डंप है, लेकिन टेंडर नहीं कराया जा रहा है। कई सदस्यों का कहना है कि जनता उनसे सीधे शिकायत करती है। अब वह जनता को क्या बताएं कि आखिर हो क्या रहा है। दोपहर 12 बजे से इकट्ठा हुए सदस्य जिला पंचायत कार्यालय के सामने शाम तक बैठे रहे। इनमें जिला पंचायत सदस्य अनिल अग्निहोत्री, अजय सोनी, जितेंद्र सरोज, विनय कुमार, नरेंद्र पटेल, शीला द्विवेदी, साधना सिंह, अरुण चौधरी, मुसंब उस्मानी, राज गौतम आदि लोग शामिल रहे और नारेबाजी करते रहे। हालांकि जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी कमलेश सिंह सदस्यों से बातचीत कर धरने को समाप्त कराने का प्रयास करते रहे।








