कौशाम्बी-
भरवारी स्थित हेलो किड्स शाखा में नवरात्रि के पावन अवसर पर छोटे बच्चों और उनकी माताओं के लिए गरबा–डांडिया नृत्य का भव्य आयोजन किया गया। विद्यालय का प्रांगण रंग-बिरंगे परिधानों, झिलमिलाती लाइटों और सजावट से जगमगा उठा। कार्यक्रम में उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक धरोहर की झलक साफ दिखाई दी।
नन्हें–मुन्नों ने पारंपरिक परिधानों में सजीव गरबा प्रस्तुत करके सभी का मन मोह लिया। उनकी मासूम अदाएँ और लयबद्ध नृत्य देखकर उपस्थित जनों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। माताओं ने भी पारंपरिक संगीत की धुन पर डांडिया खेलते हुए अद्भुत ऊर्जा और जोश का परिचय दिया। इस दौरान बच्चों और उनकी माताओं का सामूहिक गरबा नृत्य मुख्य आकर्षण रहा।
विद्यालय प्रबंधन का उद्देश्य बच्चों को बचपन से ही भारतीय संस्कृति और परंपरा से जोड़ना था। ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास, आपसी सहयोग और मंच पर प्रस्तुति देने की क्षमता को निखारते हैं। माताओं की सक्रिय भागीदारी ने भी इस आयोजन को विशेष बना दिया।
इस अवसर पर संस्थान की डायरेक्टर सेमा पवार भी उपस्थित रहीं। उन्होंने बच्चों और अभिभावकों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा –
“गरबा और डांडिया केवल नृत्य नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति की पहचान है। बच्चों को जब बचपन से ही ऐसी गतिविधियों का अनुभव मिलता है, तो उनमें आत्मविश्वास और सांस्कृतिक मूल्यों का विकास होता है।”
कार्यक्रम के अंत में जब बच्चों और माताओं ने मिलकर सामूहिक डांडिया प्रस्तुत किया, तो पूरा वातावरण तालियों और उत्साह से गूंज उठा। अभिभावकों ने विद्यालय द्वारा किए गए इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम न सिर्फ बच्चों के लिए यादगार पल बनते हैं, बल्कि परिवार और विद्यालय के बीच संबंधों को भी और मजबूत करते हैं।
गरबा–डांडिया नृत्य का यह कार्यक्रम देर तक चलता रहा और हर कोई उल्लास व आनंद से सराबोर रहा। अंत में विद्यालय परिसर “जय माता दी” और “गरबा” की गूंज से भर गया।






