कौशाम्बी-
दारानगर की ऐतिहासिक 246 वें मेले में श्रीराम की फुलवारी लीला उस अनुपम प्रसंग को दर्शाती है जब श्रीराम और उनके भ्राता लक्ष्मण, विश्वामित्र ऋषि के साथ मिथिला जाते हैं। वहां वे जनकपुरी की सुंदर फुलवारी में भ्रमण करते हैं। यह लीला श्रीराम के मधुर और सहज रूप को दर्शाती है।जनकपुरी में राजा जनक ने एक सुंदर पुष्प वाटिका (फुलवारी) बनवाई थी, जहां केवल स्त्रियों का प्रवेश होता था।उसी बगिया में देवी सीता प्रतिदिन अपनी सखियों के साथ पुष्प चुनने आती थीं।ऋषि विश्वामित्र के कहने पर श्रीराम और लक्ष्मण भी उस वाटिका में प्रवेश करते हैं।वहीं राम और सीता की पहली भेंट होती है।जैसे ही श्रीराम नेत्र उठाते हैं, उन्हें पहली बार देवी सीता के दर्शन होते हैं।यह लीला राम-सीता के दिव्य प्रेम और भविष्य के वैवाहिक बंधन की नींव रखती है।गौरी पूजन देवी सीता द्वारा किया गया वह पूजन है, जिसमें वे भगवान शिव की अर्द्धांगिनी माता गौरी से यह वरदान मांगती हैं कि उन्हें ऐसा पति मिले जो सद्गुणों से युक्त, धर्मशील, और पराक्रमी हो।माता सीता अपनी सखियों के साथ गौरी माता के मंदिर में जाती हैं।वे वहां गौरी माता की विधिपूर्वक पूजा करती हैं।”हे माँ गौरी! आप जैसे शिव को वर रूप में प्राप्त कर सकीं, वैसे ही मुझे भी मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जैसा पति प्राप्त हो।”उस समय देवी गौरी मंद मुस्कान के साथ मन में आशीर्वाद देती हैं कि तथास्तु।दारानगर की श्री राम लीला कमेटी द्वारा यह भव्य आयोजन प्रतिवर्ष नवरात्रि में अलग अलग स्थानों में किया जाता है।राम लीला कमेटी के पुरोहितों द्वारा फुलवारी लीला और गौरी पूजन का मनोहारी मंचन कराया गया।बाल कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।स्थानीय कन्याओं ने माता सीता के साथ विशेष रूप से गौरी पूजन में भाग लिया और पारंपरिक गीत गाए गए।फुलवारी लीला और गौरी पूजन भगवान श्रीराम और माता सीता के पवित्र मिलन की पूर्वपीठिका है।श्री रामलीला कमेटी के प्रधान पंडित चंद्रिका प्रसाद मिश्र का कहना है यह कथा भक्तों को यह सिखाती है कि सद्गुण, भक्ति, और संस्कार ही जीवन में सच्चे रिश्तों की नींव रखते हैं।फुलवारी लीला कार्यक्रम में संरक्षक मूल प्रकाश त्रिपाठी पूर्व ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख,अध्यक्ष जय मणि तिवारी,महामंत्री योगेंद्र मिश्र,शिवम मिश्र,संजय पाठक,मनीष पाठक,शशि कमल मिश्र,अंकित सिंह,सभासद रामआसरे दिवाकर, अतुल पाठक,मनोज पटेल,दीपक मणि तिवारी,अरविंद मणि,सुबेश मिश्र,अनुराग पाठक सहित अन्य लोग मौजूद रहे।कल की लीला के विषय में सभासद शिवम मिश्र ने बताया कि धनुष यज्ञ की लीला के साथ माता सीता स्वयंवर का कार्यक्रम म्योहरा में ही होगा।






