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भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा
भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) ने बुधवार को तहसील परिसर में बैठक का आयोजन किया। बैठक के बाद किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपने के बाद समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
जिलाध्यक्ष नरेंद्र पांडेय की अध्यक्षता में बुधवार को तहसील परिसर में किसानों की बैठक का आयोजन किया गया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि तहसील में आने वाले किसानों और फरियादियों की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। तहसील के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी समस्या का समाधान करने में आनकानी करते हैं। तहसील परिसर स्थित स्टेट बैंक में ट्रेजरी चालान जमा न होने से लोगों को चालीस किलोमीटर दूर मुख्यालय जाना पड़ता है। नगर पंचायत चायल में स्थित यूनानी अस्पताल जर्जर खपरैल भवन में चल रहा है। गांधीनगर वार्ड स्थित तबेला और तालाब पर अवैध कब्जा कर निर्माण किया जा रहा है। उसको अवैध कब्जे से मुक्त नहीं कराया जा रहा है। पिछले दो साल से नेवादा ब्लाक के बड़ा पिपरहटा गांव में किसान राजकीय नलकूप की मांग कर रहें हैं। बोरिंग न होने से किसानों की 150 बीघा जमीन सिंचाई के अभाव में परती पड़ी रहती है। वहीं, गांव की आठ सौ मीटर कच्चे संपर्क मार्ग पर आज तक इंटरलाकिंग नहीं लगावाई गई है। इससे ग्रामीणों को परेशानी होती है। हरदुआ खास गांव में जलजीवन मिशन से बनाई गई पानी टंकी से जल आपूर्ति सुचारु रूप से नहीं हो रही है। किसानों ने मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन एसडीएम योगेश कुमार गौड को सौंपा। किसानों ने चेतावनी देते हुए बताया कि अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वह लोग आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस मौके पर वरिष्इ जिला उपाध्यक्ष गुलाम हसन, जिला महासचिव शिव शंकर पांडेय, गोविंद नारायण, मंजू देवी, दिल कुमार, विपिन, राकेश, यशवंत, नन्हे तिवारी, मनीष, सोनू और राजू समेत दर्जनों किसान मौजूद रहे।
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जय जवान-जय किसान का नारा लगाने पर एसडीएम भड़के, किसानों से हुई तीखी नोकझोंक
भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के किसान बुधवार को समस्याओं का ज्ञापन सौंपने के लिए एसडीएम कार्यालय के समीप पुहंचे। ज्ञापन सौंपने के पहले परिसर में किसानों के जय जवान, जय किसान का नारा लगाने पर एसडीएम भड़क गए। उन्होंने कहा कि आप लोगों के पास कोई काम नहीं है। आये दिन नारेबाजी कर धरना प्रदर्शन करने आ जाते हैं। इसी बात को लेकर एसडीम योगेश कुमार गौड और किसानों के बीच करीब पांच मिनट तक तीखी नोकझोक होती रही। इसके बाद किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।






