6 महीने में 3000 लोगों ने बसाया था नकली गांव, एक्टर्स को सिखाई हिंदी, फिर हुआ वो, जो किसी ने सोचा भी नहीं था


नई दिल्ली. आज हम आमिर खान की ऐतिहासिक फिल्म ‘लगान’ से जुड़ी कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में आपको शायद ही पता होगा. इस फिल्म को बनाने के लिए पूरी टीम ने कड़ी मेहनत की थी. हर बारीकी का ध्यान रखा गया था. (फोटो साभार: Twitter@AKPPL_Official)

आपको जानकर हैरानी होगी कि ‘लगान’ फिल्म का चंपानेर गांव असली नहीं बल्कि नकली था. नकली गांव को बंसाने के लिए 3000 लोगों ने काम किया था और 6 महीने की मेहनत के बाद खेती वाली जमीन को एक गांव की शक्ल दी गई थी. (फोटो साभार: Twitter@AKPPL_Official) आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ का निर्देशन आशुतोष गोवारिकर ने किया था. मूवी के लिए ब्रिटेन से 40 से अधिक एक्टर्स बुलवाए गए थे. सभी के लंदन से मुंबई के आने-जाने का किराया भी दिया गया था. पाउंड में फीस देने की वजह से फिल्म का बजट भी बढ़ गया था. (फोटो साभार: Twitter@AKPPL_Official) इस फिल्म में पॉल ब्लैकथौर्न ने विलेन कैप्टन रसेल की भूमिका निभाई थी. एक इंटरव्यू के दौरान पॉल ने बताया कि फिल्म की शूटिंग शुरू करने से पहले उन्हें सिखाई गई थी. एक बार तो उनके मन में आया कि उन्हें इस फिल्म को छोड़ देना चाहिए, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. उन्हें हिंदी सीखने में चार महीने का वक्त लग गया था. (फोटो साभार: Twitter@AKPPL_Official) ‘लगान’ फिल्म के सभी सितारों के लिए धोती-कुर्ता का इंतजाम किया गया था. यहां तक कि इसकी शूटिंग शुरू होने से पहले पूरी स्टार कास्ट ने नकली गांव के घरों में रहना शुरू कर दिया था ताकि वह अपने आपको ग्रामीण माहौल में ढाल सके. (फोटो साभार: Twitter@AKPPL_Official) ‘लगान’ में आमिर खान ने भुवन नाम के लड़के की भूमिका निभाई थी. भुवन की क्रिकेट टीम में 11 मेंबर्स को शामिल करने किए बकायदा 200 एक्टर्स का ऑडिशन लिया गया था. इस फिल्म पर पैसा लगाने के लिए कोई भी प्रोड्यूसर तैयार नहीं था. ऐसे में आमिर खान ने खुद इसे प्रोड्यूस करने का फैसला किया था. इस तरह ये फिल्म तैयार हुई, लेकिन जब ये रिलीज हुई तो इसने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था. (फोटो साभार: Twitter@AKPPL_Official)

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Author: Jagran Times

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