
हाइलाइट्स
बिजली की दरों में असामान्य मूल्य बढ़ोतरी का फैसला बिजली आपूर्ति कंपनियों ने लिया है.
बिजली दरों में 2.89 रुपये प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई थी
सत्ता में आने के बाद कर्नाटक सरकार ने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की घोषणा की थी
रिपोर्ट-सुमेधा कीर्ति
बेंगलुरु. कर्नाटक (Karnataka) में सत्ता परिवर्तन के बाद अब राज्य में हड़ताल (Strike) और बंद के आह्वान की समस्या भी शुरू हो गई है. दरअसल, हुबली स्थित कर्नाटक चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (KCCI) ने बिजली की दरों (Power Tariff Hike) में की गई बेतहाशा बढ़ोतरी के खिलाफ गुरुवार 22 जून के लिए एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है. केसीसीआई ने गुरुवार को सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों और उद्योग को बंद (Karnataka Bandh) रखने का अनुरोध किया है. बिजली की दरों में असामान्य मूल्य बढ़ोतरी का फैसला बिजली आपूर्ति कंपनियों (ESCOMs) द्वारा लिया गया है.
केसीसीआई का कहना है कि पिछले 8 दिनों से बिजली दरों में बढ़ोतरी के प्रभाव की गंभीरता को बताने का प्रयास किया जा रहा है. लेकिन अधिकारियों या सरकारी प्रतिनिधियों की ओर से इसका कोई समाधान निकाले जाने की जरूरत महसूस नहीं की गई है.
आज गुरुवार को हड़ताल के चलते व्यापारिक प्रतिष्ठान और उद्योगों को खासतौर पर बंद रखने का आह्वान किया गया है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक बेलगाम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (BCCI) के अध्यक्ष हेमेंद्र पोरवाल ने कहा कि उन्होंने आंदोलन के समर्थन में सभी व्यापार और उद्योगों (आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर) से गुरुवार को अपने प्रतिष्ठान बंद रखने का अनुरोध किया है.
टीओआई ने उल्लेख किया है कि केसीसीआई ने सभी उद्यमियों और व्यापारियों से टैरिफ और आम जनता और उद्योगों पर उनके प्रतिकूल प्रभावों के प्रति अपना विरोध व्यक्त करने के लिए कारोबार बंद करने की अपील की है.
वहीं, मैसूरु चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (MCCI) ने भी बंद के आह्वान का समर्थन किया है. एमसीसीआई के अध्यक्ष केबी लिंगाराजू ने पत्रकारों से कहा कि हेब्बल, हूटागल्ली, कड़ाकोला, नंजनगुड और अन्य उद्योग संघों ने बंद के आह्वान को समर्थन दिया है.
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट में जावली के हवाले से कहा गया है कि हड़ताल केवल व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए है और आवश्यक सेवाओं और वाहनों की आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़ेगा. एचटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि एक दिन के बंद के कारण व्यापारिक प्रतिष्ठानों को नुकसान होगा. लेकिन जावली ने कहा कि बिजली दरों में इतनी अभूतपूर्व वृद्धि के साथ उद्योग टिक नहीं पाएंगे. अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि बेंगलुरु के प्रमुख उद्योगों और उद्योग संघों ने बंद का विकल्प चुना है और लोगों को आश्वासन दिया है कि वे गुरुवार को हमेशा की तरह कारोबार करेंगे. रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि FKCCI, KASSIA और पीन्या इंडस्ट्रीज एसोसिएशन सहित कई व्यापार निकायों ने गुरुवार के बंद से खुद को अलग कर लिया है.
कर्नाटक के एक बड़े व्यापारिक संगठन, फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफकेसीसीआई) ने केसीसीआई के बंद के आह्वान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. गडग, बीजापुर, रैंकबेन्नूर, रायचूर, तालिकोटी, विजयनगर, मैसूर, दावणगेरे के जिला चैंबर्स ने कहा है कि कोप्पल, बागलकोटी, धारवाड़, सिरसी, कारवार, बीदर, शिवमोगा, कोलार, मांड्या, चिकमंगलूर, यादगीर, चित्रदुर्ग, कल्याणकामाटक, हावेरी, हसन, बेल्लारी और अन्य उद्योग संघ हड़ताल में शामिल होंगे.
कांग्रेस सरकार की चुनावी गारंटी में से एक ‘गृह ज्योति’ योजना के तहत 200 यूनिट तक मुफ्त घरेलू बिजली की पेशकश करने की घोषणा के कुछ दिनों बाद, बिजली दर में 2.89 रुपये प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई थी. बेंगलुरु के कई निवासी बिजली बिलों में बढ़ोतरी की बात कह रहे हैं तो कुछ सामान्य से ज्यादा बिल प्राप्त कर रहे हैं. जबकि अन्य नकारात्मक बिल प्राप्त होने की बात भी कह रहे हैं.
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Tags: Electricity prices, Free electricity, Karnataka News, Siddaramaiah
FIRST PUBLISHED : June 22, 2023, 11:21 IST






