आज का पंचांग 22 जून 2023: विनायक चतुर्थी, गुरुवार व्रत से प्रसन्न होंगे श्रीहरि, जान लें मुहूर्त, राहुकाल, भद्रा


हाइलाइट्स

रवि योग: शाम 06:01 बजे से कल सुबह 04:18 बजे तक.
आज आषाढ़ की विनायक चतुर्थी व्रत है.
गुरुवार के दिन केले के पौधे और देव गुरु बृहस्पति की भी पूजा की जाती है.

आज का पंचांग 22 जून 2023: आज आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि, अश्लेषा नक्षत्र, हर्शन योग, गर विष्टि और दिन गुरुवार है. आज आषाढ़ की विनायक चतुर्थी व्रत है. इस दिन गणपति बप्पा की पूजा करते हैं, उनको मोदक का भोग लगाते हैं. पूजा में सिंदूर, अक्षत्, दूर्वा, दीप, धूप, नैवेद्य आदि अर्पित करते हैं. पूजा के दौरान विनायक चतुर्थी व्रत कथा सुनते हैं और गणेश जी की आरती की जाती है. आज के दिन भद्रा का साया है. सुबह 05:24 बजे से शाम 05:27 बजे तक भद्रा है. इसका वास पृथ्वी पर है. हालांकि इस दौरान व्रत, पूजा पाठ आदि पर रोक नहीं होता है.

आषाढ़ की विनायक चतुर्थी के अलावा आज गुरुवार व्रत भी है. आज आप एक व्रत के साथ दोनों देवों का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं. गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा पीले फूल, हल्दी, पंचामृत, तुलसी के पत्ते, अक्षत्, धूप, दीप आदि से करते हैं. श्रीहरि विष्णु को गुड़ और चने की दाल का भोग लगाते हैं. विष्णु चालीसा, विष्णु सहस्रनाम, गुरुवार व्रत कथा का पाठ करते हैं. आज भगवान विष्णु के मंत्र ओम नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

गुरुवार के दिन केले के पौधे और देव गुरु बृहस्पति की भी पूजा की जाती है. इससे कुंडली का गुरु दोष होता है. गुरु दोष को दूर करने के लिए आज आप हल्दी, पीले वस्त्र, केसर आदि का दान कर सकते हैं. आज के पंचांग से जानते हैं शुभ मुहूर्त, दिशाशूल, राहुकाल, सूर्योदय, चंद्रोदय आदि.

22 जून 2023 का पंचांग
आज की तिथि – आषाढ़ शुक्ल पक्ष चतुर्थी
आज का नक्षत्र – अश्लेषा
आज का करण – विष्टि
आज का पक्ष – शुक्ल
आज का योग – हर्शन
आज का वार – गुरुवार
आज का दिशाशूल – दक्षिण
रवि योग: शाम 06:01 बजे से कल सुबह 04:18 बजे तक

सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
सूर्योदय – 05:54:00 AM
सूर्यास्त – 07:27:00 PM
चन्द्रोदय – 08:46:59
चन्द्रास्त – 22:42:59
चन्द्र राशि – कर्क

हिन्दू मास एवं वर्ष
शक सम्वत – 1945 शुभकृत
विक्रम सम्वत – 2080
दिन काल – 13:58:12
मास अमांत – आषाढ
मास पूर्णिमांत – आषाढ़
शुभ समय – 11:54:59 से 12:50:52 तक

अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)
दुष्टमुहूर्त– 10:03:13 से 10:59:06 तक, 15:38:30 से 16:34:23 तक
कुलिक– 10:03:13 से 10:59:06 तक
कंटक– 15:38:30 से 16:34:23 तक
राहु काल– 14:22 से 16:04 तक
कालवेला/अर्द्धयाम– 17:30:16 से 18:26:09 तक
यमघण्ट– 06:19:42 से 07:15:35 तक
यमगण्ड– 05:23:49 से 07:08:36 तक
गुलिक काल– 09:18 से 10:59 तक
भद्रा: सुबह 05:24 बजे से शाम 05:27 बजे तक

Tags: Dharma Aastha, Lord ganapati, Lord vishnu

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Author: Jagran Times

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