
सृजित अवस्थी/पीलीभीत: यूपी के पीलीभीत जिला मुख्यालय स्थित महिला अस्पताल आने वाली गर्भवती महिलाओं को बीते एक साल से अल्ट्रासाउंड के लिए जेब ढीली करनी पड़ रही है. अस्पताल परिसर में बने अल्ट्रासाउंड विभाग पर बीते साल भर से ताला लटका है. हालांकि जिम्मेदार इसका विकल्प निकालने की बात कह रहे हैं. पीलीभीत जिले की बेपटरी स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी पर आने का नाम नहीं ले रही. दस्तावेजों में भले ही अब जिला अस्पताल पीलीभीत मेडिकल कॉलेज के नाम से जाना जा रहा है.लेकिन सुविधाओं के नाम पर आज भी दूरदराज से आए मरीजों को कुछ हासिल नहीं हो पाया है.
मेडिकल कॉलेज स्थित महिला अस्पताल की बदहाली का आलम यह है कि रेडियोलॉजिस्ट न होने के चलते यहां 18 जुलाई 2022 से अल्ट्रासाउंड विभाग पर ताला लटक रहा हैं. जिलेभर से आई गर्भवती महिलाएं अपने निजी खर्च पर अल्ट्रासाउंड कराने पर मजबूर हैं. हालांकि अधिकारी प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत महीने में 4 दिन निजी लैब में निशुल्क अल्ट्रासाउंड कराने का दावा कर रहे हैं.
संयुक्त अस्पताल में ठप्प पड़ी अल्ट्रासाउंड सुविधाएं
अब से कुछ समय पहले तक महिला अस्पताल में आयी गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए जिला संयुक्त अस्पताल भेज दिया जाता था. जहां अन्य सामान्य मरीज़ों के साथ ही साथ इन महिलाओं का भी निशुल्क अल्ट्रासाउंड करा दिया जाता था. लेकिन अब संयुक्त अस्पताल में भी रेडियोलॉजिस्ट के न होने के चलते अधिकांशतः अल्ट्रासाउंड सुविधाएं ठप्प पड़ी है.
सीएमएस ने किया यह दावा
जब पूरे मामले पर महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए लगातार शासन से पत्राचार किया जा रहा है. वहीं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत महीने की 1,9,16,24 तारीख को गर्भवती महिलाओं का निजी लैब में निशुल्क अल्ट्रासाउंड कराया जाता है. उम्मीद है जल्द ही परिसर में स्थित अल्ट्रासाउंड विभाग सुचारू रूप से कार्यरत हो जाएगा.
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FIRST PUBLISHED : June 21, 2023, 19:24 IST






