
रिपोर्ट- मधुपर्णा दास
नई दिल्ली: ‘एक के खिलाफ एक’, जातिगत जनगणना पर आम सहमति, केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के खिलाफ आंदोलन, हिंदु-मुस्लिम ध्रुवीकरण और विपक्ष की एकजुटता का प्रदर्शन- 23 जून को पटना में जब विपक्षी दलों की बैठक होगी तो उसमें चर्चा के यह विषय हो सकते हैं. बैठक पहले 12 जून को होनी थी लेकिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी के यूके दौरे की वजह से इसे स्थगित करना पड़ा.
वर्तमान में कांग्रेस के अलावा, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पटना में होने वाली बैठक में शामिल होने पर सहमति दर्ज की है. यह बैठक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आयोजित करने जा रहे हैं. जद (यू) और राजद इस बैठक के प्रमुख प्रस्तावक रहे हैं.
जद (यू) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद के. सी. त्यागी ने न्यूज 18 को बताया कि, नीतीश कुमार ने प्रस्ताव रखा है कि विपक्ष वोटों को मजबूत करने का एकमात्र तरीका ‘एक के खिलाफ एक’ का फॉर्मूला हो सकता है. उनका कहना है कि पंजाब, केरल, पश्चिम बंगाल जैसे कुछ राज्यों को छोड़कर विपक्ष के लिए यह फॉर्मूला काम करेगा. यह बैठक उन दलों के लिए चर्चा का एक मंच है जो एक जैसी विचारधारा रखते हैं.
सांप्रदायिक ध्रुवीकरण, केंद्रीय एजेंसियों का मनमाना रुख भी हो सकते हैं विषय
वरिष्ठ नेता के. सी. त्यागी ने न्यूज 18 को बताया कि ‘एक के खिलाफ एक’ फार्मूला के अलावा विपक्षी दलों के बीच सांप्रदायिक आधार पर ‘अत्यधिक ध्रुवीकरण’, सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियं की मनमानी और जातिगत जनगणना की जरूरत जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. उन्होंने कहा कि भले ही क्षेत्रीय दलों को पास बैठक में उठाने के लिए विशेष मुद्दे हों लेकिन बैठक की चर्चा का केंद्र आगामी चुनाव की रणनीति ही होगी.
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द्विध्रुवीय लड़ाई
जद (यू) और राजद के वरिष्ठ नेता के अनुसार नीतीश कुमार और लालू प्रसाद 450 निर्वाचन क्षेत्रों पर द्विध्रुवीय चुनावी लड़ाई (मतलब एक भाजपा प्रत्याशी के सामने विपक्ष का एक प्रत्याशी) के प्रस्ताव को ऱखेंगे. राजद के वरिष्ठ नेता ने बताया कि, वरिष्ठ नेता जैसे ममता बनर्जी और अखिलेश यादव इस बात पर सहमत हुए हैं लेकिन हमें कांग्रेस की सहमति चाहिए होगी क्योंकि अभी कई राज्यों में इनकी सरकार है.
तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और आप के बीच चल रही जुबानी युद्ध पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ राजद नेता ने कहा कि, एकता प्रदर्शित करने के लिए विपक्षी दलों को अपने क्षेत्र में एक दूसरे पर हमला करने रोकना होगा. हमें यह याद रखने की जरूरत है कि आम चुनाव किसी एक राज्य में जीतने की बात नहीं है, बल्कि मोदी को हराने के लिए अच्छी सीट हासिल करना है.
जातिगत जनगणना पर भी होगी चर्चा
जातिगत जनगणना से जुड़ा मुद्दा भी पार्टियां उठाएंगी. न्यूज 18 की पहले हुई बातचीत में मनोज झा ने कहा था कि, जाति जनगणना हमारे लिए एक अहम मामला है. बिहार में सरकार ने सर्वेक्षण करवाया है जिसका 90 फीसद काम पूरा हो चुका है. भारत में आजादी से पहले जातिगत जनगणना हुई थी. यह डाटा जो तमाम तरह की योजनाओं में इस्तेमाल हो रहा है, वह 80 साल से ज्यादा पुराना है, हमें नए सिरे से जातिगत जनगणना की जरूरत है.
तीन बातों पर सहमति, मुद्दों पर नहीं- तृणमूल कांग्रेस
तृणमूल कांग्रेस का हालांकि इस मामले पर कहना है कि जगह और तारीख तो तय है लेकिन मुद्दों पर चर्चा बैठक के दौरान ही होगी, उन्हें लेकर किसी तरह की अटकलें नहीं लगाई जानी चाहिए. टीएमसी से राज्य सभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि, तीन ऐसी बातें हैं जिन पर हमारी सहमति हुई है. बैठक की तारीख (23 जून), बैठक की जगह (पटना) और सभी विपक्षी दलों के प्रमुख बैठक में हिस्सा लेंगे. इसी बैठक में अगली बैठक की तारीख और जगह भी तय होगी. इसके अलावा किसी तरह का अनुमान लगाना या मुद्दे तय करना सही नहीं है.
वहीं दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल ने एक पत्र लिखकर बैठक में केंद्र के आध्यादेश को शीर्ष मुद्दा बनाने की बात कही है.
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FIRST PUBLISHED : June 21, 2023, 17:05 IST






