अस्पताल और कार में घुसा ये ख़तरनाक जीव, स्नेक कैचर ने रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा

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शक्ति सिंह/कोटा. राजस्थान के कोटा में अलग-अलग रिहाइशी इलाकों में इन दिनों मॉनिटर लिजर्ड (गोयरा) निकलने की घटनाएं सामने आ रही हैं. सूचना मिलने पर स्नेक कैचर वहां पहुंच कर इन्हें रेस्क्यू करते हैं और जंगल में छोड़ देते हैं. ताजा घटना में कोटा के रंगबाड़ी इलाके में एक घर के बाहर ढाई से तीन फीट लंबी जंगली छिपकली को देखा गया. इसे देख कर परिवार के लोग डर गए. उन्होंने शोर मचाया तो घबरा कर जंगली छिपकली वहां खड़ी कार में घुस गई. लोगों के सूचना देने पर स्नेक कैचर वहां पहुंचा और उसने जंगली छिपकली का रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा.

वहीं, एक दूसरी घटना में चंबल गार्डन के सामने मौजूद प्राइवेट हॉस्पिटल के कर्मचारी को बेसमेंट एरिया में जंगली छिपकली नजर आई. भयभीत कर्मचारी ने आकर अपने स्टाफ को बताया कि तीन से चार फीट लंबी जंगली छिपकली नीचे मौजूद है. तब हॉस्पिटल प्रशासन ने स्नेक कैचर को फोन कर बुलाया. जिन्होंने वहां आकर जंगली छिपकली का रेस्क्यू किया. रेस्क्यू टीम ने वन विभाग को सूचित कर पकड़े गये मॉनिटर लिजर्ड को जंगल में रिलीज कर दिया.

स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने बताया कि कार में से मॉनिटर लिजार्ड का रेस्क्यू किया. घरवाले इस बात से डरे हुए थे कि कहीं यह उनके बच्चों को ना काट ले. उन्होंने परिवारजन को बताया कि जंगली छिपकली के अंदर जहर नहीं होता. यह बेजुबान जानवर हम से डरते हैं. जब तक हम इन्हें नुकसान ना पहुंचाएं तब तक यह किसी को कुछ नहीं करते. जंगली छिपकली सड़ा-गला मांस खाती है. इसलिए इसके मुंह में बैक्टीरिया होते हैं जिससे इंफेक्शन होने का खतरा रहता है.

गोविंद शर्मा ने बताया कि दूसरा रेस्क्यू उन्होंने चंबल गार्डन के सामने मौजूद अस्पताल के बेसमेंट एरिया से किया. वहां भी जंगली छिपकली छिपी हुई थी. इसे भी रेस्क्यू कर उन्होंने जंगल में रिलीज कर दिया और वन विभाग के अधिकारियों को सूचित कर दिया.

Tags: Forest department, Kota news, Local18, Monitor Lizard, Rajasthan news, Snake Rescue

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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