
अर्पित बड़कुल/दमोह. जिले के हटा तहसील अन्तर्गत आजाद वार्ड निवासी 71 साल के गेंदा रजक और गाडिया गांव निवासी 76 साल के नरेंद्र गौतम द्वारा विश्व योग दिवस पर सुनार नदी के फिल्टर घाट पर पहुंचकर जल पर योग किया गया. आज के दौर में जहां लोग तैरने की कला को भूलते जा रहें हैं. वही, ये बुजुर्ग नरेंद्र गौतम और गेंदा रजक की जोड़ी करीब 50 साल से जल में योग करते आ रहे है. इस उम्र में भी पूर्ण रूप से स्वास्थ्य बने हुए हैं. आज के दौर में दोनों का याराना देखते ही बनता है. वे आज भी बचपन की यादों को ताजा करने कही भी नदी तालाब में उतर कर जल क्रीड़ा के अनोखे आनंद का अनुभव करने से नहीं चूकते है.
वृद्ध गेंदा रजक ने बताया कि जल में योग का अलग ही आनंद हैं, जिसका अनुभव सभी को करना चाहिए. इसको घंटो करने से व्यक्ति स्वस्थ रहता है. जल पर योग से पहले सांसों को नियंत्रित किया जाता है. उसके बाद स्पाइन को सीधा करके जल योग किया जा सकता है.
अपनी कला को भूल रहे लोग
आज के सुख सुविधा भरे दौर में लोग घर पर नहाते हैं, जबकि हमारे दौर में नदी तालाबों में ही नहाया करते थे. आज सार्वजनिक जल स्त्रोतों को लोगो द्वारा गंदा किया जाने लगा है. इससे आजकल लोग नदी तालाबों के पानी में नहाना पसंद नहीं करते और हम अपनी तैरने की कला को धीरे-धीरे भुलते जा रहे हैं.
वही दूसरे वृद्ध नरेंद्र गौतम का कहना है कि जल योग करने वाले व्यक्ति के शरीर में जितना उसने भोजन आहार लिया है उससे दुगना उसके शरीर में जल होना चाहिए. उसके शरीर में सांसों के द्वारा वायु को रोका जाना चाहिए, जिसके बाद जल में योग करना एक तरह से आसान हो जाता है.
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FIRST PUBLISHED : June 21, 2023, 13:22 IST






