CSIR-CRRI की स्टील स्लैग रोड टेक्नोलॉजी को जर्मनी में मिला अवार्ड

हाइलाइट्स

प्रधान साइंटिस्ट सतीश पांडेय सम्मान को प्राप्त करने वाले प्रथम भारतीय हैं
सॉलिड वेस्ट के रूप में उत्पन्न होने वाले आयरन एंड स्टील स्लैग को बेहतर इस्‍तेमाल करने के लिए दिया जाता है आवार्ड

नई दिल्‍ली. सीएसआईआर- केंद्रीय सड़क अनुसन्धान संस्थान, दिल्ली स्टील स्लैग रोड टेक्नोलॉजी को जर्मनी का प्रतिष्ठित अवार्ड मिला है. ग्‍लोबल स्‍लैग पर्सनालिटी ऑफ द इयर अवार्ड 2023 प्रधान साइंटिस्ट सतीश पांडेय को जर्मनी में दिया गया. वो इस वैश्विक सम्मान को प्राप्त करने वाले प्रथम भारतीय वैज्ञानिक हैं. यह सम्मान वर्ष 2007 से प्रतिवर्ष, स्टील इंडस्ट्रीज में सॉलिड वेस्ट के रूप में उत्पन्न होने वाले आयरन एंड स्टील स्लैग के पर्यावरण अनुकूल उपयोग को बढ़ावा देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किये गए विशिष्‍ट योगदान के लिए दिया जाता है.

इस तकनीकी से देश की पहली स्टील स्लैग सड़क का निर्माण, वर्ष 2022 में सूरत, गुजरात में CRRI के तकनीकी मार्गदर्शन में किया गया था. इसके उपरान्त NH-33 और NH -66 के झारखण्ड तथा महाराष्ट्र के संक्‍शन के निर्माण में भी स्टील स्लैग रोड तकनीक का सफल प्रयोग किया गया है. इसके साथ साथ सीमा सड़क संगठन ने भी स्टील स्लैग रोड टेक्नोलॉजी का सफल उपयोग चीन बॉर्डर पर अरुणाचल प्रदेश में स्टील स्लैग रोड निर्माण में किया है. इस तकनीकी से बनी सड़कें कन्वेंशनल रोड की तुलना में अधिक मजबूत होने के साथ साथ लागत की दृष्टि से भी स्टील प्लांट्स के आस पास सस्ती पड़ती है.

ग्‍लोबल स्‍लैग पर्सनालिटी ऑफ द इयर अवार्ड 2023

CSIR- CRRI द्वारा विकसित की गयी स्टील स्लैग रोड टेक्नोलॉजी, भारत सरकार के वेस्ट टू वेल्थ विज़न को आगे बढ़ाती है. सतीश पांडेय ने CSIR -CRRI की स्टील स्लैग रोड अनुसंधान परियोजना को लीड करते हुए देश में स्टील स्लैग रोड निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.
गौरतलब है कि देश में करीब 19 मिलियन टन स्टील स्लैग का उत्पादन प्रतिवर्ष सॉलिड वेस्ट के रूप में विभिन्न स्टील प्लांट्स से होता है जो की वर्ष 2030 तक बढ़कर लगभग 60 मिलियन टन हो जायेगा. स्टील स्लैग का पर्यावरण अनुकूल निष्पादन स्टील प्लांट्स के लिए एक बड़ी समस्या है.

Tags: Roads

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Author: Jagran Times

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