आतंकी मीर को चीन ने बचाया तो भारत ने UN में सुना दी खरी-खोटी, निजी हित में उठाया गया कदम बताया

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


हाइलाइट्स

मंगलवार को चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आतंकवादी घोषित करने के प्रस्ताव पर लगाया था रोक.
चीन की इस हरकत पर भारत सरकार ने नाराजगी जताया है.

नई दिल्ली. चीन द्वारा संयुक्त राष्ट्र में आतंकी साजिद मीर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के प्रस्ताव पर रोक लगाने पर भारत सरकार ने प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रकाश गुप्ता ने यूएन में इस मुद्दे को उठाते हुए चीन पर तीखा प्रहार किया है. प्रकाश गुप्ता ने कहा कि चीन के इस हरकत से 26/11 के पीड़ितों को अभी भी न्याय नहीं मिला है. यूएन में प्रकाश गुप्ता ने कहा कि कुछ देशों के समर्थन के बावजूद साजिद मीर को आतंकी घोषित करते का प्रस्ताव पारित नहीं हो पाया है. वैश्विक काउंटर टेरर व्यवस्था में वास्तव में ही कुछ दोष है.

निजी हितों के चलते प्रयास को रोका गयाः भारत सरकार
भारत सरकार ने यूएन में चीन के इस कदम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कुछ निजी हितों के चलते प्रयासों को रोका गया है. इससे यह स्पष्ट होता है कि हमारे पास आतंकवाद की चुनौती से ईमानदारी से लड़ने की राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं है. बता दें कि चीन ने भारत और अमेरिका द्वारा संयुक्त राष्ट्र में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी साजिद मीर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिये लाए गए प्रस्ताव पर मंगलवार को अड़ंगा लगा दिया था. पाकिस्तान में मौजूद मीर 26 नवंबर 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों में शामिल होने के कारण वांछित है.

चीन ने UNSC में प्रस्ताव पर लगाया रोक
चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति के तहत वैश्विक आतंकवादी के रूप में मीर को काली सूची में डालने और उसकी संपत्ति जब्त करने, यात्रा प्रतिबंध और हथियार प्रतिबंध लगाने के लिए अमेरिका द्वारा पेश किए गए तथा भारत द्वारा साथ मिलकर तैयार किए गए प्रस्ताव पर अड़ंगा लगा दिया. पिछले साल सितंबर में भी चीन ने संयुक्त राष्ट्र में मीर को आतंकवादी घोषित करने के प्रस्ताव पर अड़ंगा लगा दिया था. बीजिंग ने अब प्रस्ताव को रोक दिया.

यह भी पढ़ेंः 26/11 हमले के आरोपी साजिद मीर को चीन ने बचाया, वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्‍ताव पर UN में लगाया अड़ंगा

आतंकी मीर को सुनाई जा चुकी है सजा
मीर, जिसकी उम्र 40 से 50 के बीच है, भारत के सबसे वांछित आतंकवादियों में से एक है और 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों में उसकी भूमिका के लिए अमेरिका द्वारा उस पर 50 लाख अमेरिकी डॉलर का इनाम रखा गया है. पिछले साल जून में, मीर को पाकिस्तान में एक आतंकवाद-रोधी अदालत द्वारा आतंक के वित्तपोषण मामले में 15 साल से अधिक समय के लिए जेल की सजा सुनाई गई थी.

पाकिस्तानी अधिकारियों ने पूर्व में दावा किया था कि मीर की मृत्यु हो गई, लेकिन पश्चिमी देशों ने उसकी मृत्यु का प्रमाण मांगा. पिछले साल के अंत में वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) द्वारा कार्य योजना पर पाकिस्तान की प्रगति के आकलन में यह मुद्दा एक प्रमुख बाधा बन गया. मीर पाकिस्तान स्थित लश्कर का वरिष्ठ सदस्य है और नवंबर 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों में संलिप्तता के लिए वांछित है.

Tags: China, UNSC

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें