Karauli: 40 साल पहले लगाए थे 200 कैरी के पेड़, पिता मृत्यु के बाद आज यहीं पेड़ बने परिवार के रोजगार का सहारा

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


मोहित शर्मा/करौली. दुनिया में कुछ लोग ऐसे होते है कि वह अपने जीवन काल में कुछ ऐसा कर जाते हैं जिसका लाभ उनकी आने वाली पीढ़ियों तक मिलता है. कुछ ऐसा ही लाभ आज मिल रहा है लकड़ी के काम के लिए प्रसिद्ध राजस्थान के अटा गांव के लोगों को. जहां आज से करीब 40 साल पहले एक पिता ने अपनी 35 बीघा जमीन में चारों ओर 200 कैरी के पेड़ लगाए और अब यही पेड़ विशाल रूप धारण कर ना केवल ग्रामीणों के लिए हरियाली और छाया के लिए सहारा बने हुए है, बल्कि पिता द्वारा लगाए गए यह फलदार वृक्ष आज उसके परिवार के लिए पेट पालने का सहारा हैं. यही नहीं हरियाली प्रेमी स्वर्गीय शंकर लाल सैनी द्वारा लगाए गए कच्ची कैरी के यह पेड़ गर्मी के मौसम में दर्जनों लोगों के लिए रोजगार का सहारा भी बने हुए हैं.
स्वर्गीय शंकरलाल सैनी के पुत्र रामस्वरूप सैनी ने बताया कि यह पेड़ हमारे पिताजी द्वारा 40 साल पहले लगाए गए थे. जब यह पेड़ हमारे पिताजी द्वारा लगाई गए थे. तब हमें इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि आने वाले समय में यही पेड़ परिवार के पालन पोषण का सहारा बनेंगे. वह बताते है कि पिताजी द्वारा लगाए गए यह 200 कैरी के पेड़ ना केवल आज हमारे परिवार को बल्कि कैरी का फल देने के समय यह दर्जनों लोगों के लिए भी रोजगार प्रदान करते हैं.

इन पेड़ो के फल की दूर-दराज तक रहती है मांग
रामस्वरूप ने बताया कि पिताजी द्वारा जो पेड़ लगाए गए हैं उन पर गर्मी के मौसम में आने वाली कैरी की मांग दूर-दराज तक रहती है. इन पेड़ों पर आने वाली कैरी का इस्तेमाल अचार के लिए काफी तादाद में होता है और अचार के लिए यह कैरी बहुत ही बढ़िया रहती है. इसी कारण से इस कैरी की मांग हमारे आसपास के क्षेत्रों सहित दूर-दराज तक रहती है.

वहीं, स्थानीय निवासी दीपक सैनी का कहना है कि अटा गांव के इस बाग की कैरी का अचार बहुत ही बढ़िया डलता है. जो खाने में भी स्वादिष्ट लगता है. इसी कारण हमारे गांव के बात की कैरी की मांग करौली, गंगापुर हिंडोन सहित बाहर तक रहती है.

.

FIRST PUBLISHED : June 21, 2023, 10:33 IST

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें