
रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अब लोगों को जाम की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा. इसके लिए रायपुर यातायात विभाग ने चार नए मोबाइल सिग्नल की व्यवस्था की है, जिसके चलते शहर में यातायात सुचारू रूप से चल सकेगा. जाम के करण लोगों का जो समय बर्बाद होता रहा है, अब वह समय भी बर्बाद नहीं होगा. दरअसल, रायपुर शहर में पिछले 10 साल के दौरान वाहनों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है. इन वर्षों के दौरान शहर में दोपहिया व चारपहिया वाहनों की संख्या 23 लाख से ऊपर पहुंच चुकी है. इसी वजह से शहर में जाम की समस्या दिनों-दिन बढ़ रही है, जिससे निपटने के लिए ही ट्रैफिक पुलिस प्रशासन ने नए मोबाइल सिग्नल मंगवाए हैं.
बीते 10 साल में शहर में वाहनों की संख्या लाखों में बढ़ी हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार साल 2013 में रायपुर शहर में रजिस्टर्ड टूव्हीलर और 4 व्हीलर की संख्या करीब 10 लाख थी. लेकिन पिछले 10 साल के दौरान इनकी संख्या दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गई है. साल 2023 में रायपुर शहर में पंजीकृत वाहनों की संख्या 23 लाख के करीब पहुंच गई है. इस कारण ही शहर में आए दिन ट्रैफ़िक जाम की समस्या अब आम बात हो गई है. इस समस्या से निपटने के लिए अब रायपुर में भी महानगरों की तरह मोबाइल ट्रैफ़िक सिग्नल का उपयोग किया जाएगा.
ट्रैफ़िक जाम कम करने में मिलेगी मदद
ट्रैफ़िक डीएसपी गुरूजोत सिंह का कहना है कि राजधानी रायपुर में बहुत सी ऐसी जगह है, जहां ट्रैफ़िक सिग्नल नहीं लगाए जा सकते हैं. मगर इन चार मोबाइल सिग्नलों की मदद से यातायात पुलिस ट्रैफ़िक को काफी हद तक कंट्रोल कर सकेगी. ये मोबाइल ट्रैफिक सिग्नल सौर ऊर्जा से चलने वाले हैं. शहर में जिन इलाकों में हेवी ट्रैफिक रहता है, वहां इन मोबाइल सिग्नल की मदद से जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकेगी.
कैसे काम करता है मोबाइल सिग्नल
आपको बता दें कि पोर्टेबल मोबाइल ट्रैफ़िक सिग्नल को सौर ऊर्जा से चलाया जाता है. इसमें एक बैटरी बॉक्स लगा होता है. आम ट्रैफ़िक सिग्नल की तरह ही इसमें भी लाल, हरी और पीली लाइट लगी होती है. इसे एक जगह से दूसरी जगह पर आसानी से ले जाया जा सकता है.
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Tags: Raipur news, Traffic Jam
FIRST PUBLISHED : June 20, 2023, 19:23 IST






