आंध्रप्रदेश: पूर्णानंद स्‍वामी गिरफ्तार, 15 साल की लड़की से 2 सालों तक रेप करने का आरोप


हाइलाइट्स

अनाथ नाबालिग ने आश्रम के स्‍वामी पर लगाई गंभीर आरोप
आंध्रप्रदेश पुलिस ने मामला दर्ज कर किया स्‍वामी को अरेस्ट
स्‍वामी का दावा- मेरे खिलाफ साजिश, कोई गलत काम नहीं किया

रमन कुमार पीवी
विशाखापत्तनम. आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) पुलिस ने विशाखापत्तनम में कोथा वेंकोजिपलेम में ज्ञानानंद आश्रम के पूर्णानंद स्वामी पर POCSO अधिनियम के तहत मामला दर्जकर उन्‍हें गिरफ्तार कर लिया है. उन पर एक नाबालिग लड़की ने आश्रम में काम करने के दौरान पिछले दो वर्षों तक उसके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया था. शिकायत के आधार पर उनको गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस के मुताबिक, लड़की (15) राजमहेंद्रवरम की रहने वाली है और जब वह बच्ची थी तभी उसके माता-पिता की मौत हो गई थी.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि अनाथ होने के बाद लड़की कुछ समय तक अपने रिश्‍तेदारों के साथ रही, लेकिन फिर उसे ज्ञानानंद आश्रम में भेज दिया गया था. यहांं लड़की को गायों की देखभाल का काम दिया गया था. पीड़ित नाबालिग का आरोप है कि पूर्णानंद स्वामी एक रात उसे अपने कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्‍कर्म किया. इसके बाद स्‍वामी ने उसे जंजीरों से बांधा और उसकी इच्‍छा पूरी करने को कहा. इस पर जब लड़की ने इनकार किया तो स्‍वामी ने उसके साथ जबरदस्‍ती की.

खाने और नहाने पर लगा दी पाबंदी
पीड़ित नाबालिग लड़की ने बताया कि स्‍वामी ने उसके साथ मारपीट की और इस दौरान उसे केवल 2 चम्‍मच चावल में पानी मिलाकर खाने के लिए दे दिया जाता था. 15 दिनों में केवल एक बार नहाने दिया जाता था. उसने यह भी आरोप लगाया कि उसे वॉशरूम में नहीं जाने दिया गया और बाल्टी में पेशाब करने के लिए मजबूर किया गया.

आश्रम से किसी तरह भागने में सफल रही
नाबालिग ने अपनी शिकायत में कहा है कि उसे 2 साल तक इसी तरह प्रताड़ित किया गया. इस बीच  पीड़ित नाबालिग, आश्रम से किसी तरह भागने में सफल रही और वह तिरुमाला एक्‍सप्रेस में जा बैठी. यहां उसने एक महिला यात्री को अपनी आपबीती सुनाई. इस महिला ने दो दिन पहले कृष्णा जिले के कांकीपाडू में एक छात्रावास में लड़की को भर्ती कराने की कोशिश की, लेकिन छात्रावास ने पुलिस थाने के पत्र के बिना लड़की को लेने से इनकार कर दिया.

गलत काम नहीं करने का दावा, स्‍वामी बोले- मेरे खिलाफ साजिश रची गई
इसके बाद नाबालिग लड़की और महिला ने कांकीपाडु पुलिस थाने का दरवाजा खटखटाया, जहां से उसे बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्यों ने उसे विजयवाड़ा के दिशा पुलिस स्टेशन भेजा, जहां पुलिस ने स्वामी जी के खिलाफ POCSO अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. बाद में लड़की को मेडिकल परीक्षण के लिए विजयवाड़ा के पुराने सरकारी अस्पताल में भेज दिया गया. दूसरी ओर, विशाखापत्तनम में पुलिस कर्मियों ने सोमवार को स्वामी को गिरफ्तार कर लिया. स्वामी ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है और दावा किया है कि कुछ लोग आश्रम की जमीनों को हड़पने के लिए उनके खिलाफ साजिश रचने की कोशिश कर रहे थे.

Tags: Andhra Pradesh, Pocso act, POCSO case

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Author: Jagran Times

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