
प्रतापाराम/ जैसलमेर.जैसलमेर के भोजका गांव में लगे भारत के सबसे बडे़ खजूर फॉर्म हाउस के माध्यम से किसानों को सालाना 5 लाख से अधिक के खजूर के पौधे बेचकर किसानों को खजूर की खेती के प्रति जागरूक किया जा रहा है. इजराइल प्रोजेक्ट खजूर के किसानों के लिए काफी लाभप्रद साबित हो रहा है. इस साल इस खजूर फॉर्म हाउस से खजूर के पौधे खरीद कर अपने जिलों में लगाने के लिए ले गए हैं. प्रदेश में खजूर की खेती अब फलफूल रही है. इस खेती से किसान खजूर की पैदावार करके लाखों रुपए का मुनाफा कमाएंगे.
भोजका गांव में लगे करीब 100 हेक्टेयर में फैले खजूर के फॉर्म हाउस में करीब 400 टन खजूर मिल रहा है. भारत इजराइल प्रोजेक्ट को सफलता राजस्थान सरकार की पहल पर मिल रही है. भारत-इजरायल परियोजना के तहत साल 2008 में जिले के भोजका गांव में 98 हेक्टेयर क्षेत्र में 15 हजार खजूर के पौधों का एक फार्म तैयार किया गया. जिसमें 2012 में उत्पादन शुरू हो गया और अब रिकॉर्ड उत्पादन हो रहा है.
डिप्टी डायरेक्टर प्रताप सिंह कुशवाहा ने बताया कि इस फार्म में सालाना 400 टन खजूर का उत्पादन होता है.इस फार्म में खजूर की 9 किस्में लगाई गई हैं. जिसमें से 7 मादा और2 नर किस्म के पौधे है. हर साल 400 टन खजूर का उत्पादन हो रहा है. प्रदेश के किसानों में भी अब खजूर की खेती को लेकर क्रेज बढ़ गया है. यहां खजूर की मांग अब पूरे देश में बढ़ती जा रही है. प्रदेश भर के किसानों ने अब अपने खेतों में खजूर की खेती शुरू कर दी है.
इस फार्म हाउस से खजूर के किसानों को एक बड़ा बाजार मिल रहा है. भोजका खजूर फार्म के मैनिजर रोतान सिंह ने बताया कि हमारे यहां खजूर के पौधे तैयार करके किसानों को बेचा भी जा रहा है और किसान खजूर कि खेती को सीखकर बड़ी संख्या में खेती के लिए इन पौधों को लेकर जा रहे हैं, एक पौधे की कीमत 1500 रुपये है.
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FIRST PUBLISHED : June 20, 2023, 18:19 IST






