
मुकेश राजपूत/बुलंदशहर. उत्तरप्रदेश में जनपद बुलंदशहर के अनूपशहर क्षेत्र के गंगा किनारे बसे गांव गंगावास खादर में सारस संरक्षण संवर्धन केंद्र के लिए वन विभाग द्वारा तालाब चिन्हित किया गया. डीएफओ विनीता सिंह ने बताया कि गंगावास खादर में जो तालाब चिन्हित किया है इसमें जलकुंभी खड़ी हुई है. सबसे पहले तालाब की साफ-सफाई कराई जाएगी. इसमें छोटे-छोटे वैटलेंड बनाए जाएंगे बीच में एक टीला बनेगा जिस पर सारस आकर बैठ सकें. तालाब के चारों और पौधे लगाएं जाएंगे.
डीएफओ ने बताया कि तालाब से थोड़ा दूर लोगों के बैठने के लिए सीमेंट की कुर्सियां बनाई जाएंगी और चारों तरफ फुलवारी के पौधे भी लगेंगे. लोगों को सारस के संरक्षण को लेकर जागरूक किया जाएगा, ताकि कोई इनका शिकार न कर सके. तालाब का सौन्दीर्यकरण भी होगा, जिससे वह सारसों को अपनी और आकर्षित कर सके. गंगावास के तालाब को सारस संरक्षण संवंर्धन केंद्र बनाया जाएगा. इसके लिए 30 लाख रुपए का प्रस्ताव रखा गया है. सारसों की संख्या बढ़ाने के लिए यह काम किया जा रहा है. शासन से बजट मिलने की उम्मीद है. ग्रामीणों को भी सारस संरक्षण केंद्र के लिए जागरूक किया जाएगा.
सारसों के संरक्षण के लिए पांच हेक्टेयर में बनेगा तालाब
जिले में सारस पक्षियों की संख्या बढ़ाने के लिए वन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है. अनूपशहर ब्लॉक के गांव गंगावास खादर स्थित तालाब को सारसों के संरक्षण और संर्वधन केंद्र के लिए चुना गया है. संरक्षण केंद्र बनने से सारस यहां पर रहेंगे तो इनकी संख्या में इजाफा होगा. सर्दी के मौसम में गंगा के रामसर साइड में विदेशी पक्षी आते हैं तो इनमें सारस पक्षियों की कई प्रजातियां भी आती हैं. जिले में सारस संरक्षण केंद्र बनने से गंगा किनारे इनका कुनबा बढ़ाया जा सकेगा, सारसों के संरक्षण के लिए पांच हेक्टेयर के तालाब को चुना गया है. शासन से बजट प्राप्त होने के बाद तालाब पर संरक्षण केंद्र बनाने के लिए काम शुरू हो जाएगा. यदि सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले समय में संरक्षण केंद्र बनने के बाद यहां पर सारस रहेंगे और इनकी संख्या में तेजी के साथ इजाफा होगा.
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FIRST PUBLISHED : June 20, 2023, 15:56 IST






