
नई दिल्ली: आतंकवादी संगठनों पर निगाह रखने वाली संयुक्त राष्ट्र की समिति ने अफगानिस्तान के लिए इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरासान (ISKP) को सबसे खतरनाक आतंकवादी संगठन करार दिया है. दूसरी तरफ इस आतंकवादी संगठन ने खुरासान वॉइस नाम की अपनी पत्रिका में कहा है कि आईएसआईएस के सदस्य अब अफगानिस्तान के चप्पे-चप्पे पर मौजूद हैं. उसने कहा कि हमने तालिबान को चारों तरफ से घेर लिया है, आने वाले दिन उसके लिए वास्तव में डरावने हैं. जो लोग आईएसआईएस आतंकवादियों का समर्थन कर रहे हैं उनके लिए खुशखबरी है.
संयुक्त राष्ट्र की कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आईएसकेपी नाम के इस आतंकवादी संगठन ने अफगानिस्तान में तालिबान सरकार बनने के बाद से 190 आत्मघाती हमले किए हैं. साथ ही इस आतंकवादी संगठन ने बिना डरे हुए तालिबान सरकार की सबसे खतरनाक बटालियन बद्री 313 और सिराजुद्दीन हक्कानी समूह को अनेक धमकी भरे पत्र भेजे हैं, जिसमें उन्हें खतरनाक नतीजे भुगतने की धमकी दी गई है.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस आतंकवादी संगठन ने 2022 में सिराजुद्दीन हक्कानी और मुल्ला याकूब की हत्या करने की भी कोशिश की. हालांकि तालिबान ने यूएन की रिपोर्ट में आईएसकेपी द्वारा 190 आत्मघाती हमले किए जाने का खंडन किया है.
तालिबान लगा है इस आतंकी समूह के खात्मे के लिए
तालिबान सरकार ने इस आतंकी समूह के खिलाफ जबरदस्त सफाई अभियान छेड़ा हुआ है. इसके तहत उसके अनेक ठिकानों को नष्ट कर दिया है और अनेक बड़े आतंकवादियों को मार गिराया है. इसके बावजूद इस आतंकवादी संगठन का खतरा कम नहीं हुआ है. यह संगठन लगातार तालिबान सरकार के लिए जबरदस्त खतरा बना हुआ है. बताया जाता है कि इस समूह ने तालिबान सरकार से लड़ने के लिए व्यापक योजना बनाई हुई है. इस लड़ाई में उसके साथ तुर्की से लेकर मध्य एशिया तक के अरब लड़ाके शामिल हैं. यह आतंकवादी संगठन विभिन्न देशों से मिले दान के साथ-साथ अवैध गतिविधियों के माध्यम से भी अपने खर्चे के लिए धन जुटाता है.
तालिबान को अमेरिका से हाथ मिलाने पर चेताया
दूसरी तरफ इस आतंकवादी संगठन ने अपनी पत्रिका खुरासान वॉइस के 23वें अंक में तालिबान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि आने वाले दिन तालिबान के लिए काफी कठिन साबित होंगे. क्योंकि तालिबान ने अमेरिका से हाथ मिला लिया है और दोहा में उसने अमेरिका को स्पष्ट आश्वासन दिया है कि वो अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट और अलकायदा के आतंकवादियों को जगह नहीं देगा. तालिबान ने इस्लामिक स्टेट के नाम पर अफगानिस्तान में हजारों अफगानों को मार डाला है.
इस रिपोर्ट और आतंकवादी संगठन की धमकी के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अफगानिस्तान में तालिबान और आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट खोरासन प्रोविंस के बीच अब जोरदार आमने-सामने की लड़ाई होगी. ध्यान रहे कि यह आतंकवादी संगठन आईएसकेपी कभी तालिबान का खास सहयोगी रह चुका है.
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FIRST PUBLISHED : June 20, 2023, 12:50 IST






